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Bahraich News: गोकुलपुर में सात साल का तेंदुआ पिंजरे में कैद
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मोतीपुर रेंज के गोकुलपुर में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद तेंदुआ।
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मिहींपुरवा। मोतीपुर रेंज के गोकुलपुर गांव में करीब एक माह से दहशत का कारण बना तेंदुआ सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे शिकार की लालच में वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ मिला। उसकी उम्र करीब सात वर्ष और वजन लगभग 60 किलोग्राम बताया गया है।
ग्राम पंचायत चंदनपुर के मजरा गोकुलपुर में पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आ रही थीं। खेतों और आबादी के आसपास तेंदुए के पगचिह्न भी देखे गए थे। ग्रामीणों की शिकायतों और लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू की थी।
सोमवार तड़के पिंजरे में तेंदुआ कैद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लेकर मोतीपुर रेंज कार्यालय पहुंचाया। वहां पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह स्वस्थ मिला। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशन और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक अनुमति लेने के बाद तेंदुए को प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।
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दूसरे तेंदुए की आशंका से दहशत
गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अभी एक और तेंदुआ घूम रहा है। वन विभाग भी ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। डीएफओ ने जंगल से सटे और तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से समूह में निकलने, सुबह-शाम बच्चों पर विशेष नजर रखने और रात में घर के बाहर खुले में न सोने की अपील की है। साथ ही वन्यजीव दिखाई देने पर उसे घेरने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा है।
पिंजरे में कैद हुए तेंदुए एक नजर में
07 सितंबर: मोतीपुर रेंज के गोकुलपुर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
6 सितंबर: नानपारा रेंज के ग्राम जुगराज पुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
02 सितंबर: ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।
13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।
4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।
31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।
20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
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ग्राम पंचायत चंदनपुर के मजरा गोकुलपुर में पिछले कई दिनों से तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आ रही थीं। खेतों और आबादी के आसपास तेंदुए के पगचिह्न भी देखे गए थे। ग्रामीणों की शिकायतों और लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू की थी।
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सोमवार तड़के पिंजरे में तेंदुआ कैद होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लेकर मोतीपुर रेंज कार्यालय पहुंचाया। वहां पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह स्वस्थ मिला। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशन और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक अनुमति लेने के बाद तेंदुए को प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।
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दूसरे तेंदुए की आशंका से दहशत
गांव के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अभी एक और तेंदुआ घूम रहा है। वन विभाग भी ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। डीएफओ ने जंगल से सटे और तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से समूह में निकलने, सुबह-शाम बच्चों पर विशेष नजर रखने और रात में घर के बाहर खुले में न सोने की अपील की है। साथ ही वन्यजीव दिखाई देने पर उसे घेरने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा है।
पिंजरे में कैद हुए तेंदुए एक नजर में
07 सितंबर: मोतीपुर रेंज के गोकुलपुर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
6 सितंबर: नानपारा रेंज के ग्राम जुगराज पुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
02 सितंबर: ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।
25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।
13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।
4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।
31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।
20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।