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Bahraich News: महसी के 24 गांव बाढ़ से घिरे, घरों में घुटनों तक भरा पानी

Tue, 08 Sep 2026 12:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:36 AM IST
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24 villages in Mahsi surrounded by floodwaters; knee-deep water inside homes.
महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।
बहराइच। सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर ने महसी तहसील क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति भयावह कर दी है। सोमवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी समेत अन्य बैराजों से करीब 3.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से अगले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका है। महसी के 24 से अधिक गांव और मजरों में बाढ़ से अफरातफरी मची है।
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महसी के भौंरी, तारापुरवा, रानीबाग, जोगलापुरवा, मल्लाहनपुरवा, पूरे प्रसाद, पूरे सीताराम, महंत पुरवा, जोधे पुरवा, टंच जंगल, जानकीनगर, गलकारा और अहिरनपुरवा समेत 24 से अधिक गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में हैं।
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इस सभी गांवों में घरों के भीतर कमर तक पानी भर गया है। गृहस्थी का सामान डूब चुका है और लोग चारपाई, तख्त व मचान पर बैठकर दिन काटने को मजबूर हैं। महिलाएं और बच्चे सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। पशुओं के चारे का संकट भी गहराने लगा है। घरों में पानी भरने से चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
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बाढ़ के चलते गांव के स्कूलों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप है। कई गांवों की मुख्य सड़कें पानी में डूबी हैं। पेयजल का संकट भी गंभीर है। हैंडपंप डूब जाने के कारण ग्रामीणों को दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है।

राहत और बचाव के लिए तहसील प्रशासन की ओर से दो मोटरबोट और चार नावें संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन प्रभावित गांवों की संख्या और स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था नाकाफी नजर आ रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों की सहायता के लिए चार ट्रैक्टर-ट्रालियां भी लगाई हैं।

तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने बताया कि राजस्व टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं और ग्रामीणों की मांग के अनुरूप राहत सामग्री व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव और मोटरबोट संचालित की जा रही हैं।
650 से अधिक घर बाढ़ की जद में

बिछिया। मिहींपुरवा की ग्राम पंचायत जंगल गुलरिया के प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार ने बताया कि तीन गांव पिछले तीन दिनों से बाढ़ से प्रभावित हैं। धर्मपुर रेतिया में करीब 100 और रामपुर रेतिया में 200 घरों में पानी भरा है। संपतपुरवा में करीब 350 परिवार बाढ़ की जद में हैं। गांव की मुख्य सड़क और प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर रेतिया भी पानी में डूब गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से तीन दिनों से बाढ़ पीड़ितों को दोनों समय लंच पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सोमवार को सुबह और शाम 550-550 लंच पैकेट वितरित किए गए। सुजौली के भैसाही स्थित सरकारी स्कूल में लंच पैकेट तैयार कर खैरीपुरवा, सुखड़ीपुरवा, टिलवा, पारसपुरवा और श्रीरामपुरवा समेत प्रभावित गांवों में पहुंचाए जा रहे हैं।
अयोध्या से मंगाई गईं दो मोटरबोट

महसी इलाके में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए गुप्तार घाट, अयोध्या से दो मोटरबोट मंगाई गई हैं। इनका संचालन वीरेंद्र निषाद और दिलीप निषाद कर रहे हैं। दोनों मोटरबोट भौंरी और पूरे प्रसाद क्षेत्र में प्रभावित ग्रामीणों की आवाजाही और राहत कार्य में लगाई गई हैं।

बाढ़ पीड़ितों को राशन वितरण आज
तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने बताया कि मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर बाढ़ प्रभावित और बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को राशन वितरित किया जाएगा। वितरण सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम तक चलेगा। बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री और राशन पहुंचाने के लिए चार ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाई गई हैं। तहसीलदार के मुताबिक जरूरत के अनुसार ग्रामीणों को ट्रैक्टर-ट्रालियों से सुरक्षित स्थान तक लाया जाएगा और बाद में उन्हें गांव तक पहुंचाया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली काटी

बाढ़ के पानी के घरों और आबादी में घुसने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग ने प्रभावित गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी है। पानी उतरने और स्थिति सामान्य होने के बाद आपूर्ति बहाल किए जाने की उम्मीद है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूल पहुंच रहे बच्चे
मिहींपुरवा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने से ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर स्थित धनियाबेली गांव के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे ट्रैक्टर-ट्रालियों से स्कूल पहुंच रहे हैं। बाढ़ के पानी के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित होने से ट्रैक्टर-ट्राली ही बच्चों के लिए सहारा बना हुआ है।



सोमवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.60 मीटर
135.49 मीटर
1,90,278 क्यूसेक
गिरिजापुरी बैराज 135.85 मीटर
136.78 मीटर
1,80,207 क्यूसेक
सरयू बैराज 130.30 मीटर
133.50 मीटर
4,784 क्यूसेक
----
तीनों बैराजों से सरयू में छोड़ा गया पानी : 3,75,269 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.49 मीटर, लाल निशान 106.07 मीटर

घूरदेवी महसी पर जलस्तर 112.49 मीटर, लाल निशान 112.15 मीटर

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

महसी में बाढ़ से बिगड़े हालात।

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