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Bahraich News: 32 साल बाद पिघली दुश्मनी की बर्फ, गले मिले पड़ोसी
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बौंडी। करीबी 32 साल पहले आबादी की जमीन के एक टुकड़े के लिए शुरू हुई दुश्मनी मंगलवार को थाना परिसर में दोस्ती में बदल गई। तीन दशक बाद दुश्मनी की बर्फ पिघली तो दोनों पड़ोसी भावनाओं में बह गए। दोनों की आंखों में पश्चाताप के आंसू थे।
कहानी 1994 से शुरू हुई थी। डोकरी गांव निवासी पुत्तीलाल और बाबूलाल के बीच आबादी की भूमि को लेकर ठन गई। गांव की पंचायत ने जमीन पुत्तीलाल को दे दी और मामला शांत हो गया, लेकिन 2021 में जैसे ही पुत्तीलाल ने उस जमीन पर दीवार उठानी शुरू की, पुराना जख्म फिर हरा हो गया। बाबूलाल ने सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो दोनों तरफ से फौजदारी मुकदमे भी लिख गए। दीवानी कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया, फिर निर्माण शुरू हुआ और फिर वही झगड़ा, वही तहरीर।
लगातार के मुकदमों से दोनों परिवार टूट चुके थे। इसी को समझते हुए थानाध्यक्ष संजीव कुमार वर्मा ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया। पुलिस की सूझबूझ और गांव के संभ्रांत लोगों की पहल रंग लाई। तीन दशक बाद दोनों पक्षों ने थाने में ही हाथ मिलाया और सुलह-समझौता कर लिया।
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कहानी 1994 से शुरू हुई थी। डोकरी गांव निवासी पुत्तीलाल और बाबूलाल के बीच आबादी की भूमि को लेकर ठन गई। गांव की पंचायत ने जमीन पुत्तीलाल को दे दी और मामला शांत हो गया, लेकिन 2021 में जैसे ही पुत्तीलाल ने उस जमीन पर दीवार उठानी शुरू की, पुराना जख्म फिर हरा हो गया। बाबूलाल ने सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो दोनों तरफ से फौजदारी मुकदमे भी लिख गए। दीवानी कोर्ट ने वाद खारिज कर दिया, फिर निर्माण शुरू हुआ और फिर वही झगड़ा, वही तहरीर।
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लगातार के मुकदमों से दोनों परिवार टूट चुके थे। इसी को समझते हुए थानाध्यक्ष संजीव कुमार वर्मा ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया। पुलिस की सूझबूझ और गांव के संभ्रांत लोगों की पहल रंग लाई। तीन दशक बाद दोनों पक्षों ने थाने में ही हाथ मिलाया और सुलह-समझौता कर लिया।
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