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लाल निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची घाघरा, हड़कंप

Sat, 14 Sep 2019 10:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2019 10:00 PM IST
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Ghaghra reached 13 cm above red mark, stir
बहराइच में जरवलरोड क्षेत्र में एल्गिन ब्रिज को छूती घाघरा की लहरें। - फोटो : BAHRAICH
महसी/जरवल (बहराइच)। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को जरवलरोड के एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। तेज रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है।
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उधर, महसी तहसील में घाघरा नदी के उफान से पांच गांवों में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। जबकि 10 गांव पानी से घिरेे हुए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ से बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण बैराजों से पानी छोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। एक सप्ताह से लगातार घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी में छोड़े गए पानी के कारण शुक्रवार देर शाम अचानक घाघरा का जलस्तर बढ़ गया और महसी तहसील क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए। कई गांवों में पानी घुस भी गया।
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देर रात नदी में और पानी पहुंचने से जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के लिए बेताब दिखाई देने लगा। शनिवार की सुबह कैसरगंज तहसील क्षेत्र के जरवलरोड स्थित एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.06 सेंटीमीटर को पार कर 106.206 सेंटीमीटर पर पहुंच गया।
जल मापक बजरंगी ने बताया कि रात में नदी का जलस्तर बढ़ने की और भी संभावना है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है। उधर, महसी तहसील क्षेत्र में भी घाघरा नदी शनिवार की देर शाम स्थिर हो गई है। जिसके चलते तहसील क्षेत्र के जोगापुरवा, जोगलापुरवा, तारापुरवा, मांझा दरिया बुर्द व चमरही गांव में पानी भर गया है।
वहीं चुरेलिया, अहिरनपुरवा, ठड़बेहना, पुरबियनपुरवा, मल्लाहनपुरवा, तूलापुरवा, रानीबाग, घरेहरा, कायमपुर समेत 10 गांव पानी से घिर गए हैं। कायमपुर से तटबंध की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। उधर, लेखपाल ने जोगापुरवा गांव के 10 ग्रामीणों को तिरपाल बांटे।
ग्रामीण बोले, बाढ़ पीड़ितों की नहीं सुन रहे अधिकारी
महसी तहसील क्षेत्र के सर्वाधिक गांव घाघरा नदी की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। मगर इन ग्रामीणों को प्रशासनिक सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। तहसील क्षेत्र के बेलहा-बेहरौली तटबंध पर रहे जंगीलाल व लक्ष्मीकांत ने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से हम सभी को कोई भी राहत सहायता नहीं प्रदान की गई है। घुरेहरीपुर निवासी बंशीधर और जैतापुर निवासी नसीम ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों का दर्द अधिकारी नहीं सुन रहे हैं,। जिससे ग्रामीणों को खाने-पीने से लेकर रहने तक की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छोड़ा जा रहा दो लाख क्यूसेक पानी
बिछिया। गिरिजापुरी बैराज के प्रभारी अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि गिरिजापुरी बैराज से 120424 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं शारदा बैराज से 21540 और बनबसा बैराज से 56050 क्यूसेक पानी शनिवार को घाघरा नदी में डिस्चार्ज हुआ है। यह पानी देर रात नदी में पहुंचने की संभावना है।

गांवों में लगाई गई ड्यूटी
महसी तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। सभी को मुस्तैद रहने और पल-पल की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- राजेश वर्मा, तहसीलदार महसी
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