फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Ghaghra can enter two villages

घाघरा के निशाने पर दो गांव

Mon, 10 Jul 2017 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 10 Jul 2017 10:06 PM IST
विज्ञापन
Ghaghra can enter two villages
तराई में हो रही झमाझम बारिश से एक बार फिर घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। कैसरगंज और महसी में जरमापुर और गोलागंज गांव नदी के निशाने पर आ गए हैं। रामजानकी मंदिर व देवी मंदिर को लीलने के लिए घाघरा लगातार कटान कर रही है।
विज्ञापन


अब तक 190 बीघा जमीन व फसल नदी में समाहित हुई है। सूचना के बावजूद कटान रोकने के उपाय नहीं हो सके हैं। तराई व नेपाल के पहाड़ों पर रविवार देर रात से शुरू बारिश से कम हो रहा घाघरा नदी का जलस्तर दोपहर में अचानक स्थिर हो गया। एक घंटे के ठहराव के बाद नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है।
विज्ञापन


केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि अब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में नदी ने तेज कटान शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महसी में स्थित समय माता मंदिर जहां नदी के निशाने पर है, वहीं जरवल के दिकौलिया ग्राम पंचायत में स्थित रामजानकी मंदिर पर भी नदी कटान कर रही है। महसी के जरमापुर गांव निवासी मूसुद्दीन और असगर अली के मकान पर नदी की लहरें थपेड़े ले रही हैं।

हालात यह हैं कि जरमापुर, कायमपुर, गोलागंज, मंगलपुरवा और दिकौलिया के निकट रविवार रात से अब तक नदी की लहरों ने 190 बीघा खेती योग्य जमीन को लील लिया है। दोपहर बाद से कटान और बढ़ रही है। 

जरवल के घाघराघाट में स्थित फसल अनुसंधान केंद्र पर भी संकट मंडराने लगा है। केंद्र की 30 बीघा जमीन में घाघरा की लहरें कटान कर रही हैं। इस खेती योग्य जमीन में ढैंचा लगा हुआ है।

अगर यह जमीन कट गई तो नदी की लहरें फसल अनुसंधान केंद्र भवन की ओर बढ़ेंगी, फिर तबाही का मंजर काफी भयावह दिखेगा। फसल अनुसंधान केंद्र के परिक्षेत्र प्रभारी मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि कटान की सूचना जिला कृषि व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी दी गई है। लेकिन अब तक कटान रोकने के उपाय नहीं किए गए हैं। 

भारी वर्षा के बीच घाघरा नदी में चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अलावा अन्य बैराजों से लगभग एक लाख 88 हजार क्यूसेक पानी सोमवार को छोड़ा गया। चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के सहायक अभियंता एसआर वर्मा ने बताया कि गिरिजापुरी बैराज से 117234, बनबसा बैराज से 46456 और शारदा बैराज से 25252 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में डिस्चार्ज हो रहा है।


बाढ़ व कटान प्रभावित इलाकों में निरंतर भ्रमण कर रहे हैं। नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है। अभी जलस्तर बढ़ने की सूचना नहीं है। कटान पर नजर रखने के निर्देश राजस्वकर्मियों को दिए गए हैं। कटान पीड़ित ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ खंड को भी कटान पर अंकुश लगाने के लिए पत्र लिखा गया है। 
-नागेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed