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खाद लेने को किसान सुबह से शाम तक लगाते हैं कतार
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बहराइच में इफको गोदाम पर खाद लेने के लिए लगी भीड़।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। धान की फसल के लिए खाद की जरूरत का समय आते ही कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। गोदाम पर यूरिया खरीदने के लिए सुबह से ही किसान पहुंच रहे हैं। वे पूरे दिन टोकन लेने के लिए कतार लगा रहे हैं, मगर खाद की कमी के चलते एक काउंटर से ही टोकन जारी किया जा रहा है। ऐसे में शाम को तमाम किसानों को मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है।
धान की फसल खेतों में तैयार हो रही है। फसल के अच्छे उत्पादन के लिए किसान यूरिया खरीदने को चक्कर लगा रहे हैं। जिले पर महज सात सौ मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। समितियों पर खाद उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में किसान तीस से चालीस किलोमीटर की दूरी तय कर बहराइच के पुलिस लाइंस के निकट स्थित इफ्को के गोदाम पर खाद लेने के लिए सुबह से ही पहुंच जा रहे हैं।
किसानों को खाद खरीदने के लिए पहले टोकन और रसीद लेनी पड़ती है, जिसके लिए वे काउंटर पर सुबह से शाम तक कतार लगाते हैं। भूखे-प्यासे किसान सुबह से लाइन में लगे रहते हैं। इसके बाद शाम को कहीं एक बोरी खाद हासिल हो पा रही है। वहीं, तमाम किसानों को टोकन न मिल पाने से मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद भी मिलती मायूसी
चित्तौरा के सुसरौली गांव निवासी किसान वासुदेव ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं। अभी तक खाद नहीं मिल सकी है। खुटेहना के चंदवापुर गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी टोकन नहीं मिला है। ऐसे में अब खाद मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। धरसवां के लालनगर निवासी सुंदरलाल और पयागपुर निवासी राजू ने बताया कि टोकन देने में मनमानी की जा रही है। सुबह से भूखे-प्यासे होने के बाद भी मायूस ही लौटना पड़ेगा।
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रहीं धज्जियां
गोदाम पर खाद लेने के लिए लाइन लगाने वाले किसानों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक इफ्को सर्वजीत वर्मा का कहना है कि प्रशासन से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। पुलिस आती है। लाइन सही कराकर चली जाती है। इसके बाद हालात फिर से वही हो जा रहे हैं।
किसानों को नहीं होगी दिक्कत
गोदाम पर करीब चार सौ बोरी खाद है। इसके वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। दो से तीन दिन में और खाद का आवंटन होने की उम्मीद है। किसानों को कोई भी दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- सर्वजीत वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफ्को
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धान की फसल खेतों में तैयार हो रही है। फसल के अच्छे उत्पादन के लिए किसान यूरिया खरीदने को चक्कर लगा रहे हैं। जिले पर महज सात सौ मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। समितियों पर खाद उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में किसान तीस से चालीस किलोमीटर की दूरी तय कर बहराइच के पुलिस लाइंस के निकट स्थित इफ्को के गोदाम पर खाद लेने के लिए सुबह से ही पहुंच जा रहे हैं।
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किसानों को खाद खरीदने के लिए पहले टोकन और रसीद लेनी पड़ती है, जिसके लिए वे काउंटर पर सुबह से शाम तक कतार लगाते हैं। भूखे-प्यासे किसान सुबह से लाइन में लगे रहते हैं। इसके बाद शाम को कहीं एक बोरी खाद हासिल हो पा रही है। वहीं, तमाम किसानों को टोकन न मिल पाने से मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद भी मिलती मायूसी
चित्तौरा के सुसरौली गांव निवासी किसान वासुदेव ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं। अभी तक खाद नहीं मिल सकी है। खुटेहना के चंदवापुर गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी टोकन नहीं मिला है। ऐसे में अब खाद मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। धरसवां के लालनगर निवासी सुंदरलाल और पयागपुर निवासी राजू ने बताया कि टोकन देने में मनमानी की जा रही है। सुबह से भूखे-प्यासे होने के बाद भी मायूस ही लौटना पड़ेगा।
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रहीं धज्जियां
गोदाम पर खाद लेने के लिए लाइन लगाने वाले किसानों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक इफ्को सर्वजीत वर्मा का कहना है कि प्रशासन से कई बार अनुरोध किया जा चुका है। पुलिस आती है। लाइन सही कराकर चली जाती है। इसके बाद हालात फिर से वही हो जा रहे हैं।
किसानों को नहीं होगी दिक्कत
गोदाम पर करीब चार सौ बोरी खाद है। इसके वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। दो से तीन दिन में और खाद का आवंटन होने की उम्मीद है। किसानों को कोई भी दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- सर्वजीत वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफ्को