{"_id":"602e9c1e8ebc3ee8ff0c9be8","slug":"farmers-clash-with-police-50-arrested-bahraich-news-lko5655198131","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की पुलिस से झड़प, 50 गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की पुलिस से झड़प, 50 गिरफ्तार
विज्ञापन
बहराइच : जरवलरोड पर रेल रोको अभियान करने जाते भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को भाकियू जिलाध्यक्ष की अगुवाई में रेल रोको आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में किसान जरवलरोड तिराहे पर पहुंच गए। यहां से रेल रोकने को स्टेशन की ओर आगे बढ़ रहे किसानों की पुलिस से तीखी झड़प व नोंकझोंक हुई। इससे लखनऊ-बहराइच मार्ग पर अफरातफरी मच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारी 50 किसानों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी को थाने लाया गया। जहां से सभी किसानों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। आंदोलनकारी किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
केंद्र सरकार द्वारा पारित किये गए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। भाकियू के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को रेल रोका आंदोलन जरवलरोड में आयोजित होना था। इसके लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद भाकियू जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा और महासचिव मोहनलाल वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर जरवलरोड तिराहे पर पहुंचे। यहां से किसान जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने के लिए आगे बढ़े। मगर पुलिस और पीएसी के जवानों ने किसानों को स्टेशन पर जाने से रोक दिया।
इससे नाराज किसान वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद फिर से जिलाध्यक्ष की अगुवाई में किसान रेलवे स्टेशन का रुख करने लगे। इस पर किसानों और पुलिस में तीखी झड़प और नोंकझोंक शुरू हो गई। किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की होने लगी। इससे लखनऊ-बहराइच मार्ग पर अफरातफरी मच गई। एसडीएम महेश कुमार कैथल, सीओ शंकर प्रसाद व थानाध्यक्ष रमेश चंद्र ने किसानों को समझाया मगर वो रेल रोको आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने 50 किसानों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी को थाने लाया गया। जहां से निजी मुचलके पर सभी को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भाकियू जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों किसान बस स्टॉप होते हुए जरवलरोड रेलवे स्टेशन जाना चाहते थे। मगर इसकी जानकारी प्रशासन को पहले से ही लग गई। ऐसे में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जिससे किसान रेल रोको आंदोलन में कामयाब नहीं हो सके। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रेलवे पुलिस, जरवलरोड थाने की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मुस्तैद रहे।
लखनऊ-गोंडा प्रखंड के जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर किसानों ने रेल रोको आंदोलन चलाने का निर्णय लिया था। बड़ी संख्या में किसान एकत्र भी हुए थे। मगर प्रशासन की सूझबूझ से आंदोलन सफल नहीं हो सका। अगर ट्रेन रोकी जाती तो कई एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित होतीं और यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता।
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा पारित किये गए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। भाकियू के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को रेल रोका आंदोलन जरवलरोड में आयोजित होना था। इसके लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद भाकियू जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा और महासचिव मोहनलाल वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर जरवलरोड तिराहे पर पहुंचे। यहां से किसान जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर रेल रोकने के लिए आगे बढ़े। मगर पुलिस और पीएसी के जवानों ने किसानों को स्टेशन पर जाने से रोक दिया।
विज्ञापन
इससे नाराज किसान वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद फिर से जिलाध्यक्ष की अगुवाई में किसान रेलवे स्टेशन का रुख करने लगे। इस पर किसानों और पुलिस में तीखी झड़प और नोंकझोंक शुरू हो गई। किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की होने लगी। इससे लखनऊ-बहराइच मार्ग पर अफरातफरी मच गई। एसडीएम महेश कुमार कैथल, सीओ शंकर प्रसाद व थानाध्यक्ष रमेश चंद्र ने किसानों को समझाया मगर वो रेल रोको आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने 50 किसानों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सभी को थाने लाया गया। जहां से निजी मुचलके पर सभी को छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भाकियू जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों किसान बस स्टॉप होते हुए जरवलरोड रेलवे स्टेशन जाना चाहते थे। मगर इसकी जानकारी प्रशासन को पहले से ही लग गई। ऐसे में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जिससे किसान रेल रोको आंदोलन में कामयाब नहीं हो सके। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रेलवे पुलिस, जरवलरोड थाने की पुलिस के साथ पीएसी के जवान भी मुस्तैद रहे।
लखनऊ-गोंडा प्रखंड के जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर किसानों ने रेल रोको आंदोलन चलाने का निर्णय लिया था। बड़ी संख्या में किसान एकत्र भी हुए थे। मगर प्रशासन की सूझबूझ से आंदोलन सफल नहीं हो सका। अगर ट्रेन रोकी जाती तो कई एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित होतीं और यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता।