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Bahraich News: करोड़ों खर्च के बाद भी हरियाली का सपना अधूरा

Wed, 15 Mar 2023 11:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:35 PM IST
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Dream of greenery incomplete even after spending crores
जमुनहा (श्रावस्ती)। तराई में हरियाली लाने के लिए सरकार की ओर से प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण वीरानी छाई हुई है। इससे शासन के हरियाली लाने का सपना अधूरा बना हुआ है। ऐसा ही कुछ जमुनहा क्षेत्र में देखने को मिला जहां 600 में से एक भी पौध पेड़ नहीं बन सके। जमुनहा विकास क्षेत्र में मुख्य सरयू योजक नहर मौजूद है। जिसके पटरियों पर हरियाली लाने के लिए पांच जुलाई 2020 में 600 पौध रोपित किए गए थे। यह पौधे ग्राम कानी बोझी से राप्ती बैराज के बीच सरयू योजक नहर के किलोमीटर 18.353 से 18.476 के मध्य लगाया गया था। इसके लिए नहर विभाग की 0.338 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया था। जिसकी जिम्मेदारी सरयू योजक नहर खंड चार बहराइच को सौंपी गई थी। विभाग की ओर से अभियान के दौरान 600 पौध रोपित कर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति ले ली गई। इसके बाद न तो इन पौधों को छुट्टा मवेशियों से बचाने का कोई इंतजाम किया गया। और न ही इन्हें सूखने से बचाने के लिए इनके सिंचाई की याद ही विभाग को आई। जिसके चलते यहां लगाए गए सभी पौधे नष्ट हो गए। इसके बावजूद न तो इन पौध के बारे में जानकारी लेने की जरूरत नहर विभाग ने महसूस किया और न ही वन विभाग ने ही। यह मात्र बानगी है। ऐसा ही हाल अन्य विभागों की ओर से कराए गए पौध रोपण का भी है। जहां हजारों की संख्या में पौधरोपण के बाद भी वीरानी छाई हुई है। संवाद
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