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Bahraich News: सालार गाजी के सालाना उर्स के आयोजन पर संशय

Sun, 28 Dec 2025 12:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:42 AM IST
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Doubt over organizing annual Urs of Salar Ghazi
बहराइच स्थित सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह।     -संवाद
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर एक से छह जनवरी तक प्रस्तावित सालाना उर्स के आयोजन पर अनिश्चितता बढ़ गई है। दरगाह प्रबंध समिति ने प्रशासन को पत्र लिखकर आयोजन में सहयोग मांगा है।
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इस बीच स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) ने आयोजन के दौरान जुटने वाली भीड़ से शांति व सुरक्षा व्यवस्था को खतरा बताकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी ही रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन जेठ मेले के आयोजन पर रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सामान्य रूप से सभी रस्में पूरी हो सकी थीं।
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दरगाह प्रबंध समिति ने पत्र में लिखा है कि उर्स के दौरान छह दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की परंपरा रही है। प्रस्तावित कार्यक्रमों में कव्वाली, चादरपोशी, लंगर वितरण, नातिया मुशायरा, मिलाद शरीफ, कुरानख्वानी और आम जियारत होगी। बड़ी संख्या में जायरीन बहराइच और आसपास के जिलों से पहुंचेंगे।
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इस मामले में एलआईयू ने मंडलायुक्त समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर सचेत किया है कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत भीड़ वाले कार्यक्रमों पर रोक है। ऐसे में उर्स का वृहद आयोजन कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व में भारी भीड़ के चलते बहराइच के साथ ही अन्य जिलों में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन चुकी है।

एलआईयू के अनुसार मौजूदा समय में प्रदेश का माहौल संवेदनशील है। बीते महीनों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं, विरोध प्रदर्शनों और हिंसक मामलों के चलते किसी भी बड़े आयोजन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। आशंका जताई है कि कुछ संगठन उर्स का विरोध कर सकते हैं। ऐसे में यदि हजारों की संख्या में जायरीन दरगाह पहुंचे, तो मामूली विवाद भी बड़ी घटना का रूप ले सकता है। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ही आयोजन पर निर्णय लिया जाए।

जेठ मेले के दौरान बनी थी यही स्थिति
यही स्थिति इस वर्ष मई-जून के दौरान दरगाह पर प्रस्तावित जेठ मेले के दौरान बनी थी। तब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अब एलआईयू की ताजा रिपोर्ट के बाद उर्स 2026 के आयोजन पर भी संशय गहरा गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अंतिम फैसला हाईकोर्ट के आदेश और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।


यह है हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने पूर्व में स्पष्ट किया है कि दरगाह पर केवल आवश्यक और नियमित धार्मिक गतिविधियां ही सीमित संख्या में की जा सकती हैं। किसी भी प्रकार की भीड़ या ऐसा आयोजन, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो को अनुमति नहीं दी जा सकती।

जानिए सैयद सालार मसूद गाजी को...

सैयद सालार मसूद गाजी महमूद गजनवी के भांजे थे। मसूद गाजी ने भारत में अपनी सेना के साथ आक्रमण किया। वर्ष 1034 में बहराइच के पास महाराजा सुहेलदेव ने उन्हें युद्ध में पराजित कर मार डाला। मौत के बाद गाजी के शव को बहराइच में दफनाया गया। कब्र समय के साथ दरगाह शरीफ बन गई।


जांच और समीक्षा के बाद लेंगे निर्णय
देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि दरगाह शरीफ में प्रस्तावित उर्स को लेकर जिलाधिकारी बहराइच और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। उर्स से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच और समीक्षा की जाएगी। कानून व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।



हाईकोर्ट ने दिया है अंतरिम आदेश

हाईकोर्ट ने दरगाह शरीफ में आयोजनों के मामले में अंतरिम आदेश दिया है, जिसके अनुसार दरगाह के जो नियमित कार्य हैं वह होते रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की भीड़ से बचने के निर्देश दिए गए हैं। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
-गिरीश शुक्ला, शासकीय अधिवक्ता फौजदारी



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