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पेट्रोल से धधकी आग, पांच भाई-बहन झुलसे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2016 09:23 PM IST
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आग से झुलसी अर्शना व नूरे आलम का इलाज करवाती उनकी मां।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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श्रावस्ती। खुला पेट्रोल बेचने वाली वृद्धा के कांशीराम आवास में शुक्रवार रात आग लगने से हड़कंप मच गया। बच्चों से बोतल में पेट्रोल भराते समय आग तब भड़क उठी जब वृद्ध महिला ने बत्ती गुल होने पर दीया जलाया।
लपटों की चपेट में आकर मासूम चार भाई और एक बहन गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से तीन भाइयों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया है। वहीं, घटना के बाद महिला घर छोड़कर भाग निकली। इस मामले में पुलिस ने तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।
भिनगा के मोहल्ला बंदरहा स्थित कांशीराम आवास में रहने वाली खैरुलनिंशा उर्फ जुमरा (75) पत्नी मोहम्मद मंजूर भिनगा में खुला पेट्रोल बेचती है। शुक्रवार रात जुमरा ने पड़ोसी मोहम्मद अय्यूब के तीन बेटों को केन से बोतल में पेट्रोल भरने के लिए पैसे का लालच देकर बुलाया था।
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अय्यूब के बेटे फैसल (12), कैसर (11), शाने आलम (7) पहुंचे जुमरा के घर पहुंचे तो पीछ-पीछे उनकी छोटी बहन अर्शना (4) व भाई नूरे आलम (3) भी पहुंच गए। फैसल, कैसर और शाने बोतल में पेट्रोल भर रहे थे कि अचानक बिजली गुल हो गई।
रोशनी करने के लिए जुमरा ने जैसे ही पास में रखा दीया जलाया, आग भड़क उठी और बच्चे लपटों की चपेट में आ गए। बच्चे शोर मचाने लगे तो उनके घर वाले और मोहल्ले के लोग पहुंचे। हादसा होते ही जुमरा भाग निकली।
मोहल्ले के लोगों ने आग बुझाकर पांचों भाई-बहनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। लेकिन, फैसल, कैसर व शाने की हालत गंभीर होने व जिले में बर्न यूनिट न होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया। जबकि अर्शना व नूरे आलम को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि बच्चे खतरे से बाहर हैं। जिला अस्पताल में सर्जन व बर्न वार्ड न होने के कारण उन्हें रेफर किया गया है। वहीं, इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक भिनगा रामयतन वरुण बताते हैं कि यदि तहरीर मिली तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पांच रुपये के लालच में जोखिम में डाल रहे जान
भिनगा नगर सहित जिले के अन्य हिस्सों में खुले पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। चाहे किराना की दुकान की हो अथवा पानी की ढाबली, या फिर अन्य कोई और दुकान। हर जगह बोतलों में भरकर पेट्रोल बेचा जा रहा है। इसके एवज में दुकानदार को पांच रुपये प्रति लीटर मिलता है।
कांशीराम आवास में रहने वाली इस वृद्धा के घर में यह दूसरी घटना है। इसके बाद भी न तो प्रशासन ने यहां अवैध रूप से बेचे जा रहे पेट्रोल की बिक्री रोकी और न ही दोषी के विरुद्ध कोई कार्रवाई की। यही कारण है शुक्रवार रात पांच बच्चों की जान पर बन आई।
खुले में पेट्रोल बिक्री रोकेंगे
खुले में पेट्रोल बिक्री कानून अपराध है। इसे रोकने की जिम्मदारी जिलापूर्ति अधिकारी, प्रभारी अगिभनशमन अधिकारी की है। आज ही प्रभारी एफएसओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। साथ ही, अभियान चलाकर इसकी बिक्री रोकी जाएगी। इसके बाद भी यदि कहीं इसकी बिक्री होती मिली तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होगी। -नितीश कुमार जिलाधिकारी
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लपटों की चपेट में आकर मासूम चार भाई और एक बहन गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से तीन भाइयों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया है। वहीं, घटना के बाद महिला घर छोड़कर भाग निकली। इस मामले में पुलिस ने तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।
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भिनगा के मोहल्ला बंदरहा स्थित कांशीराम आवास में रहने वाली खैरुलनिंशा उर्फ जुमरा (75) पत्नी मोहम्मद मंजूर भिनगा में खुला पेट्रोल बेचती है। शुक्रवार रात जुमरा ने पड़ोसी मोहम्मद अय्यूब के तीन बेटों को केन से बोतल में पेट्रोल भरने के लिए पैसे का लालच देकर बुलाया था।
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अय्यूब के बेटे फैसल (12), कैसर (11), शाने आलम (7) पहुंचे जुमरा के घर पहुंचे तो पीछ-पीछे उनकी छोटी बहन अर्शना (4) व भाई नूरे आलम (3) भी पहुंच गए। फैसल, कैसर और शाने बोतल में पेट्रोल भर रहे थे कि अचानक बिजली गुल हो गई।
रोशनी करने के लिए जुमरा ने जैसे ही पास में रखा दीया जलाया, आग भड़क उठी और बच्चे लपटों की चपेट में आ गए। बच्चे शोर मचाने लगे तो उनके घर वाले और मोहल्ले के लोग पहुंचे। हादसा होते ही जुमरा भाग निकली।
मोहल्ले के लोगों ने आग बुझाकर पांचों भाई-बहनों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। लेकिन, फैसल, कैसर व शाने की हालत गंभीर होने व जिले में बर्न यूनिट न होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया गया। जबकि अर्शना व नूरे आलम को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि बच्चे खतरे से बाहर हैं। जिला अस्पताल में सर्जन व बर्न वार्ड न होने के कारण उन्हें रेफर किया गया है। वहीं, इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक भिनगा रामयतन वरुण बताते हैं कि यदि तहरीर मिली तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पांच रुपये के लालच में जोखिम में डाल रहे जान
भिनगा नगर सहित जिले के अन्य हिस्सों में खुले पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। चाहे किराना की दुकान की हो अथवा पानी की ढाबली, या फिर अन्य कोई और दुकान। हर जगह बोतलों में भरकर पेट्रोल बेचा जा रहा है। इसके एवज में दुकानदार को पांच रुपये प्रति लीटर मिलता है।
कांशीराम आवास में रहने वाली इस वृद्धा के घर में यह दूसरी घटना है। इसके बाद भी न तो प्रशासन ने यहां अवैध रूप से बेचे जा रहे पेट्रोल की बिक्री रोकी और न ही दोषी के विरुद्ध कोई कार्रवाई की। यही कारण है शुक्रवार रात पांच बच्चों की जान पर बन आई।
खुले में पेट्रोल बिक्री रोकेंगे
खुले में पेट्रोल बिक्री कानून अपराध है। इसे रोकने की जिम्मदारी जिलापूर्ति अधिकारी, प्रभारी अगिभनशमन अधिकारी की है। आज ही प्रभारी एफएसओ से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। साथ ही, अभियान चलाकर इसकी बिक्री रोकी जाएगी। इसके बाद भी यदि कहीं इसकी बिक्री होती मिली तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होगी। -नितीश कुमार जिलाधिकारी