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तेंदुए के हमले में मासूम घायल, मां की सजगता से बची जान
Updated Mon, 09 Oct 2017 11:47 PM IST
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उर्रा (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के जलिहा धर्मापुर गांव निवासी एक महिला अपने तीन वर्षीय पुत्र के साथ नित्यक्रिया के लिए खेत को गई थी। उसी समय तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया। मां की सजगता से बच्चा बाल-बाल बचा। उसे सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के धर्मापुर रेंज अंतर्गत जलिहा धर्मापुर गांव जंगल से सटा हुआ है। रविवार देर शाम गांव निवासी ज्ञानदेवी अपने तीन वर्षीय पुत्र सुरेश कुमार को गोद में लेकर नित्यक्रिया के लिए खेत को गई थी। बेटे को कुछ दूरी पर बिठा दिया। इसी दौरान खेत में छिपे तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया। मां ने शोर मचाते हुए बेटे को खींचा। लेकिन तेंदुए का पंजा लगने से उसे खरोचें आ गईं। हालांकि पलटवार पर तेंदुआ मौके से खिसक गया। गांव के लोग एकत्रित हो गए। मासूम को सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि तेंदुए ने झपट्टा मारा था, लेकिन मां की सजगता से मासूम बच गया। ग्रामीणों को अकेले खेत न जाने की सलाह दी गई है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के धर्मापुर रेंज अंतर्गत जलिहा धर्मापुर गांव जंगल से सटा हुआ है। रविवार देर शाम गांव निवासी ज्ञानदेवी अपने तीन वर्षीय पुत्र सुरेश कुमार को गोद में लेकर नित्यक्रिया के लिए खेत को गई थी। बेटे को कुछ दूरी पर बिठा दिया। इसी दौरान खेत में छिपे तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया। मां ने शोर मचाते हुए बेटे को खींचा। लेकिन तेंदुए का पंजा लगने से उसे खरोचें आ गईं। हालांकि पलटवार पर तेंदुआ मौके से खिसक गया। गांव के लोग एकत्रित हो गए। मासूम को सीएचसी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि तेंदुए ने झपट्टा मारा था, लेकिन मां की सजगता से मासूम बच गया। ग्रामीणों को अकेले खेत न जाने की सलाह दी गई है।
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