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जियारत और मन्नत के बीच गाजी की शान में हुई कव्वाली
Updated Mon, 05 Jun 2017 03:03 PM IST
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तीसरी चौथी पर जियारत को उमड़े जायरीन
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को तीसरी चौथी पर अकीदतमंद की पूरे दिन भीड़ जुटी रही। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जंजीरी गेट चूमकर जायरीन जत्थों में मजार शरीफ पहुंचे और निशान पेशकर अमनो-अमान की दुआएं कीं। नाल दरवाजे के सामने कव्वालों ने गाजी की शान में कव्वाली भी पेश की। पूरे दिन जियारत व मन्नतों का दौर चला। चित्तौरा झील के तट पर स्नान करने के लिए भी जायरीन जुटे रहे।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की तीसरी चौथी पर रविवार को सुबह से ही अकीदतमंद का हुजूम उमड़ता रहा। हाथों में चादर लिए जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते नजर आए। जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर जायरीन ने मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलिया, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, बिहार, रांची, बाराबंकी, लखनऊ, नेपाल के जायरीन काफी संख्या में दरगाह शरीफ पहुंचे। पूरे दिन जियारत का सिलसिला चला। जिन जायरीन ने चित्तौरा झील के तट पर डेरा डाला था। वह नंगे पांव झील के तट से निशान व चादर लेकर दरगाह शरीफ पहुंचे। निशान लिए हुए जायरीन ने दरगाह शरीफ के पूर्वी गेट से मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई और निशान पेश किए। देर रात तक जियारत का सिलसिला जारी रहा। निशान पेश करने के लिए दरगाह के पूर्वी गेट पर जायरीन की भीड़ जुटी रही। गाजी की मजार पर हाजिरी लगाते हुए जायरीन ने अमन-चैन की दुआएं की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग तीन लाख जायरीन ने रविवार को जियारत की। उधर, सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर तीसरी चौथी के बीच अकीदतमंद ने गाजी की दरगाह पर गागर व चादर पेश की और मन्नतें मांगीं।
इंसेट
जमकर हुई खरीदारी
तीसरी चौथी पर जियारत करने आए जायरीन ने गाजी की मजार पर हाजिरी लगाने के बाद खरीदारी भी की। इसके चलते रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, ढोलक, कालीन और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही। मनोरंजन के साधनों का भी मेलार्थियों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं, जियारत के लिए आए 18 जायरीन की जेब पर मेले में सक्रिय उचक्कों ने हाथ साफ कर दिया।
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बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर रविवार को तीसरी चौथी पर अकीदतमंद की पूरे दिन भीड़ जुटी रही। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जंजीरी गेट चूमकर जायरीन जत्थों में मजार शरीफ पहुंचे और निशान पेशकर अमनो-अमान की दुआएं कीं। नाल दरवाजे के सामने कव्वालों ने गाजी की शान में कव्वाली भी पेश की। पूरे दिन जियारत व मन्नतों का दौर चला। चित्तौरा झील के तट पर स्नान करने के लिए भी जायरीन जुटे रहे।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की तीसरी चौथी पर रविवार को सुबह से ही अकीदतमंद का हुजूम उमड़ता रहा। हाथों में चादर लिए जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते नजर आए। जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजा होकर जायरीन ने मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलिया, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, बिहार, रांची, बाराबंकी, लखनऊ, नेपाल के जायरीन काफी संख्या में दरगाह शरीफ पहुंचे। पूरे दिन जियारत का सिलसिला चला। जिन जायरीन ने चित्तौरा झील के तट पर डेरा डाला था। वह नंगे पांव झील के तट से निशान व चादर लेकर दरगाह शरीफ पहुंचे। निशान लिए हुए जायरीन ने दरगाह शरीफ के पूर्वी गेट से मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई और निशान पेश किए। देर रात तक जियारत का सिलसिला जारी रहा। निशान पेश करने के लिए दरगाह के पूर्वी गेट पर जायरीन की भीड़ जुटी रही। गाजी की मजार पर हाजिरी लगाते हुए जायरीन ने अमन-चैन की दुआएं की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि लगभग तीन लाख जायरीन ने रविवार को जियारत की। उधर, सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर तीसरी चौथी के बीच अकीदतमंद ने गाजी की दरगाह पर गागर व चादर पेश की और मन्नतें मांगीं।
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जमकर हुई खरीदारी
तीसरी चौथी पर जियारत करने आए जायरीन ने गाजी की मजार पर हाजिरी लगाने के बाद खरीदारी भी की। इसके चलते रेडीमेड कपड़े, चीनी मिट्टी, कांच के बर्तन, ढोलक, कालीन और मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही। मनोरंजन के साधनों का भी मेलार्थियों ने जमकर लुत्फ उठाया। वहीं, जियारत के लिए आए 18 जायरीन की जेब पर मेले में सक्रिय उचक्कों ने हाथ साफ कर दिया।
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