{"_id":"a9c996986cf954df310362a82bfd15ba","slug":"10-year-imprisonment-to-smuggler-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाली वृद्ध को चरस तस्करी में 10 साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नेपाली वृद्ध को चरस तस्करी में 10 साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 12 Jan 2016 10:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। चरस तस्करी के मामले में नेपाली नागरिक को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है।
जुर्माना अदा न करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रुपईडीहा बार्डर आउटपोस्ट के जवानों ने 29 नवंबर 2012 को सीमा पर एक नेपाली नागरिक के पास से तीन किलोग्राम चरस बरामद की थी। उसकी पहचान नेपाल के कंचनपुर अंतर्गत महेंद्र नगर निवासी मंशीर पुजारी (तब 64 वर्ष) पुत्र खिवटे के रूप में हुई थी।
रुपईडीहा पुलिस ने आरोपी को न्यायालय पर पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट सुरेशचंद्र भारती के न्यायालय पर शुरू हुई।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने अपना-अपना तक प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने तस्करी के आरोपी मंशीर पुजारी को दोषसिद्ध करार देते हुए 10 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
एक लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा है कि जुर्माना की राशि अदा न करने पर तस्कर मंशीर को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
जुर्माना अदा न करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रुपईडीहा बार्डर आउटपोस्ट के जवानों ने 29 नवंबर 2012 को सीमा पर एक नेपाली नागरिक के पास से तीन किलोग्राम चरस बरामद की थी। उसकी पहचान नेपाल के कंचनपुर अंतर्गत महेंद्र नगर निवासी मंशीर पुजारी (तब 64 वर्ष) पुत्र खिवटे के रूप में हुई थी।
विज्ञापन
रुपईडीहा पुलिस ने आरोपी को न्यायालय पर पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट सुरेशचंद्र भारती के न्यायालय पर शुरू हुई।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने अपना-अपना तक प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने तस्करी के आरोपी मंशीर पुजारी को दोषसिद्ध करार देते हुए 10 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
एक लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा है कि जुर्माना की राशि अदा न करने पर तस्कर मंशीर को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।