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Bahraich News: हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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बहराइच। हत्या के मामले में खैरीघाट थाना के नकहा गांव निवासी पृथ्वीराज यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कविता निगम की अदालत ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 10 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। करीब 22 साल पुराने इस मुकदमे में पीड़ित पक्ष को अब न्याय मिला है।
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 28 मई 2004 की रात करीब साढ़े 11 बजे हुई थी। आरोपी पृथ्वीराज यादव जमीन के पुराने विवाद को लेकर वादी के घर पहुंचा था। उस समय वादी का पुत्र घर के दरवाजे पर चारपाई पर सो रहा था। आरोपी ने कट्टे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वादी और उसका दूसरा पुत्र देशराज टॉर्च लेकर बाहर पहुंचे। उन्होंने आरोपी को वहां से भागते देखा था। वादी की तहरीर पर पुलिस ने पृथ्वीराज यादव के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान आरोपी को चार जून 2004 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। यह हत्या जमीन के पुराने विवाद के कारण की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने 28 जुलाई को आरोपी को हत्या के मामले में दोषसिद्ध करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। बृहस्पतिवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पृथ्वीराज यादव को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन के अनुसार, यह घटना 28 मई 2004 की रात करीब साढ़े 11 बजे हुई थी। आरोपी पृथ्वीराज यादव जमीन के पुराने विवाद को लेकर वादी के घर पहुंचा था। उस समय वादी का पुत्र घर के दरवाजे पर चारपाई पर सो रहा था। आरोपी ने कट्टे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वादी और उसका दूसरा पुत्र देशराज टॉर्च लेकर बाहर पहुंचे। उन्होंने आरोपी को वहां से भागते देखा था। वादी की तहरीर पर पुलिस ने पृथ्वीराज यादव के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
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विवेचना के दौरान आरोपी को चार जून 2004 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। यह हत्या जमीन के पुराने विवाद के कारण की गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने 28 जुलाई को आरोपी को हत्या के मामले में दोषसिद्ध करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। बृहस्पतिवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता ने आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पृथ्वीराज यादव को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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