{"_id":"b04a22a7947e87f45765425d9ebf8d2c","slug":"chc-phc-director-investigated-records-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी-पीएचसी निदेशक ने जांचे अभिलेख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी-पीएचसी निदेशक ने जांचे अभिलेख
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य महकमे के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निदेशक डॉ. आरएस रावत ने कैसरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने एक माह के भीतर ओपीडी मरीजों की संख्या क्या रही, साथ ही ओपीडी वार्ड में इमरजेंसी में कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं, इसका पूरा ब्यौरा उन्होंने तलब किया है।
इसके अलावा गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाओं का भी निरीक्षण किया है।
इसके बाद निदेशक डॉ. आरएस रावत ने जिला पुरुष व महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट व असुरक्षित गर्भपात के मामलों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जांच की है।
सूत्रों की मानें तो सीएचसी-पीएचसी व जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों पर असुरक्षित गर्भधारण का हवाला देकर पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा था। निदेशक डॉ. आरएस रावत को महकमे ने जांच सौंपी है। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने अचानक दौरा किया।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। डॉ. आरएस रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इसके अलावा गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाओं का भी निरीक्षण किया है।
इसके बाद निदेशक डॉ. आरएस रावत ने जिला पुरुष व महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट व असुरक्षित गर्भपात के मामलों में उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जांच की है।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो सीएचसी-पीएचसी व जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों पर असुरक्षित गर्भधारण का हवाला देकर पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा था। निदेशक डॉ. आरएस रावत को महकमे ने जांच सौंपी है। इसी सिलसिले में सोमवार को उन्होंने अचानक दौरा किया।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। डॉ. आरएस रावत ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।