बहराइच हिंसा: नेपाल भागने की फिराक में थे सरफराज और तालिब... एनकाउंटर पर बहन ने उठाए सवाल
वहीं, बहराइच में जिस मकान मालिक अब्दुल हमीद पर राम गोपाल मिश्रा पर गोली चलाने का आरोप है उसकी बेटी रुखसार का कहना है कि बुधवार को चार बजे मेरे पिता अब्दुल हमीद, मेरे दो भाई सरफराज, फहीम और उनके साथ एक अन्य युवक को यूपी एसटीएफ ने उठा लिया था।
मेरे पति और मेरे देवर को पहले उठाया जा चुका है किसी भी थाने से उनकी कोई खबर नहीं मिल पा रही है। हमें डर है कि उनका एनकाउंटर कर हत्या की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिजनों की सुरक्षा की अपील की है।
क्या है पूरा मामला
बहराइच की महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में रविवार शाम को गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी।
घटना का पूरे जिले में विरोध शुरू हो गया था। विसर्जन कमेटी के लोगों ने बहराइच-सीतापुर हाईवे पर चहलारी घाट पुल के पास जाम लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहराइच-लखनऊ हाईवे भी जाम कर दिया गया।