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पूर्व सांसद समेत चार दोषी, एक साल की परवीक्षा
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बहराइच। एमपी-एमएलए कोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी/एसीजेएम अनुपम दीक्षित ने मारपीट व जानमाल की धमकी देने के मामले में पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले समेत चार लोगों को दोषी ठहराया है। उन्होंने एक साल की परवीक्षा पर रहने की सजा दी है। इस मामले में पूर्व सांसद की ओर से सत्र न्यायालय में अपील भी दाखिल की गई है।
नानपारा के बंजारनटांड़ा निवासी टेकराम ने पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले, घुनघुन व अक्षयवरनाथ कनौजिया के खिलाफ मारपीट व जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए 29 मार्च 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में चारों के खिलाफ अदालत ने चार्जशीट प्रस्तुत की।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए चारों लोगों को दोषी ठहराया और एक साल की परवीक्षा पर रहने की सजा दी। परवीक्षा के दौरान उन्हें सदाचरण बनाए रखना होगा। किसी अपराध में संलिप्तता नहीं होनी चाहिए। परवीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद यदि इसका उल्लंघन होता है तो अदालत विधि के अनुसार दंड दे सकती है। फिलहाल इस मामले में पूर्व सांसद समेत सभी ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल कर दी है।
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नानपारा के बंजारनटांड़ा निवासी टेकराम ने पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले, घुनघुन व अक्षयवरनाथ कनौजिया के खिलाफ मारपीट व जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए 29 मार्च 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में चारों के खिलाफ अदालत ने चार्जशीट प्रस्तुत की।
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कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए चारों लोगों को दोषी ठहराया और एक साल की परवीक्षा पर रहने की सजा दी। परवीक्षा के दौरान उन्हें सदाचरण बनाए रखना होगा। किसी अपराध में संलिप्तता नहीं होनी चाहिए। परवीक्षा अवधि समाप्त होने के बाद यदि इसका उल्लंघन होता है तो अदालत विधि के अनुसार दंड दे सकती है। फिलहाल इस मामले में पूर्व सांसद समेत सभी ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल कर दी है।
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