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कुकर्मी को 20 साल का सश्रम कारावास
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बहराइच। कोतवाली नानपारा के मानिकपुर गांव निवासी एक आरोपी को कुकर्म व अन्य मामलों में दोषी ठहराते हुए विशेष न्यायाधीश ने बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 75 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि पीड़ित को दी जाएगी।
विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो संतोष सिंह ने बताया कि नानपारा के मानिकपुर गांव निवासी पुकऊ के खिलाफ वादी मुकदमा ने थाने में तहरीर देकर अपने आठ वर्षीय नाबालिग पुत्र के साथ कुकर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में विवेचक सुदामा सिंह यादव की ओर से विवेचना के दौरान पीड़ित बालक का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया।
इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। आरोप पत्र प्राप्त होने के बाद विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) वरुण मोहित निगम ने मुकदमे में दोनों पक्षों की बहस सुनी। इसके बाद पुकऊ पर दोष सिद्ध किया और बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो संतोष सिंह ने बताया कि नानपारा के मानिकपुर गांव निवासी पुकऊ के खिलाफ वादी मुकदमा ने थाने में तहरीर देकर अपने आठ वर्षीय नाबालिग पुत्र के साथ कुकर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में विवेचक सुदामा सिंह यादव की ओर से विवेचना के दौरान पीड़ित बालक का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया।
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इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। आरोप पत्र प्राप्त होने के बाद विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) वरुण मोहित निगम ने मुकदमे में दोनों पक्षों की बहस सुनी। इसके बाद पुकऊ पर दोष सिद्ध किया और बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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