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खाद की कालाबाजारी रोकने को दुकानों का होगा सत्यापन
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बहराइच। रुपईडीहा से लेकर मिहींपुरवा तक फैली भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर खाद की कालाबाजारी व अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए सीमा के पांच किलोमीटर दायरे के बाहर मौजूद खाद की दुकानों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान कालाबाजारी या अवैध भंडारण की स्थित मिलने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बीते कुछ दिनों में सीमा क्षेत्र में 150 बोरी खाद पकड़ी जा चुकी है जिसे देखते हुए कृषि विभाग ने यह निर्णय लिया है।
दरअसल, भारत-नेपाल सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में खाद की दुकानों के लाइसेंस जारी नहीं किए जाते हैं। इसके बावजूद यहां खाद की कालाबाजारी हो रही है। इस पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं की लगाम कसने की तैयारी कर ली है। अब पांच किलोमीटर दायरे के बाहर मौजूद दुकानों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में खरीफ सीजन में कितनी और किस-किस किसान को खाद बेची गई है इसकी जांच की जाएगी। साथ ही खाद की खरीद करने वाले किसानों की वास्तविकता की भी जांच की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि मिहींपुरवा में 60 तो रुपईडीहा क्षेत्र में उर्वरक की 35 लाइसेंसी दुकानें हैं। इन सभी का सत्यापन किया जाएगा।
विक्रेताओं को दुकान के बाहर स्टॉक बोर्ड मेंटेन करने का निर्देश दिया गया है। स्टॉक बोर्ड पर खाद की उपलब्धता व कीमत लिखना अनिवार्य किया गया है। कृषि अधिकारी ने बताया कि अगर जांच में किसी भी विक्रेता की दुकान पर स्टॉक बोर्ड नहीं मिला या उस पर गलत अंकन मिलेगा तो उस लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टॉक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर रखना भी अनिवार्य है।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि जिले में सर्वाधिक खाद खरीदने वाले 20 किसानों का भी सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में किसानों के पास कितने खेत हैं और कितने खेत में फसल की बोआई या रोपाई की गई है इसकी जांच की जाएगी। आवश्यकता से अधिक खाद खरीद पाई जाएगी तो संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर ही खाद खरीदें।
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दरअसल, भारत-नेपाल सीमा के पांच किलोमीटर के दायरे में खाद की दुकानों के लाइसेंस जारी नहीं किए जाते हैं। इसके बावजूद यहां खाद की कालाबाजारी हो रही है। इस पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं की लगाम कसने की तैयारी कर ली है। अब पांच किलोमीटर दायरे के बाहर मौजूद दुकानों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में खरीफ सीजन में कितनी और किस-किस किसान को खाद बेची गई है इसकी जांच की जाएगी। साथ ही खाद की खरीद करने वाले किसानों की वास्तविकता की भी जांच की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि मिहींपुरवा में 60 तो रुपईडीहा क्षेत्र में उर्वरक की 35 लाइसेंसी दुकानें हैं। इन सभी का सत्यापन किया जाएगा।
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विक्रेताओं को दुकान के बाहर स्टॉक बोर्ड मेंटेन करने का निर्देश दिया गया है। स्टॉक बोर्ड पर खाद की उपलब्धता व कीमत लिखना अनिवार्य किया गया है। कृषि अधिकारी ने बताया कि अगर जांच में किसी भी विक्रेता की दुकान पर स्टॉक बोर्ड नहीं मिला या उस पर गलत अंकन मिलेगा तो उस लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टॉक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर रखना भी अनिवार्य है।
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जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने बताया कि जिले में सर्वाधिक खाद खरीदने वाले 20 किसानों का भी सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में किसानों के पास कितने खेत हैं और कितने खेत में फसल की बोआई या रोपाई की गई है इसकी जांच की जाएगी। आवश्यकता से अधिक खाद खरीद पाई जाएगी तो संबंधित के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर ही खाद खरीदें।