फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   bahraich

नजरबंद सपाइयों ने शासन-प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप

Tue, 05 Oct 2021 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
bahraich
बहराइच। लखीमपुर कांड के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार की देर शाम को जिले के वरिष्ठ सपा नेताओं पर भी पहरा लगा दिया। प्रशासन ने नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष की तबियत बिगड़ने के बाद भी उन्हें इलाज के लिए मुक्त नहीं किया गया। जानकारी मिलने पर सपा नेता जिलाध्यक्ष के घर के बाहर ही धरना प्रदर्शन करने लगें। सपाइयों ने प्रदेश सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले को न्यायालय मेें ले जाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

लखीमपुर मेें केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे के वाहन से कुचलकर हुई किसानों की मौत के बाद हुए बवाल को देखते हुए शासन की ओर से राजनैतिक दलों के दिग्गजों को घर मेें नजरबंद करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद बीते सोमवार की देर शाम पूर्व मंत्री व मटेरा विधायक यासर शाह, सपा के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जफरउल्ला खां बंटी, जिला कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान, पूर्व विधायक रामतेज यादव, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव, देवेश चंद्र मिश्रा, प्रदीप यादव, मनुदेवीे, निशा शर्मा, अजितेश पांडेय आदि को उनके आवास पर जिला प्रशासन ने पुलिस बल तैनात कर नजरबंद कर दिया। सपाइयों के नजरबंद होने के 38 घंटे से अधिक व्यतीत होने को है। मंगलवार की सुबह अचानक सपा के जिलाध्यक्ष की तबियत बिगड़ गई। जिलाध्यक्ष को जैसे ही चिकित्सक के पास ले जाने के लिए घर से बाहर लाया गया। बाहर तैनात पुलिस बल ने उनको रोक दिया। जिलाध्यक्ष यादव ने बताया कि चिकित्सक का पर्चा दिखाने के बाद पुलिस वालों से कई बार मिन्नत किया कि हार्ट मेें समस्या है, जांच कराना आवश्यक है, लेकिन पुलिस वालों ने अभद्रता करते हुए तपती हुई धूप मेें सड़क के किनारे बाहर बैठा दिया। सरकार के इशारे पर बिना किसी जुर्म के पुलिस द्वारा सपाइयों को घर में ही नजरबंद कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। सरकार लोगों की निजता का हनन करने मेें जुटी हुई है।
विज्ञापन

किसानों के आंदोलन से डरी सहमी प्रदेश की भाजपा सरकार लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही रवैये पर उतर आई है। हालांकि गुस्साए सपाइयों के बढ़ते दबाव को देखते हुए करीब दो घंटे के बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष के घर पर ही जांच कराकर मामले को शांत कराया। पूर्व मंत्री यासर शाह ने नजरबंद के दौरान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सत्ता के मद मेें चूर होकर पुलिसिया तंत्र के बल पर हिटलर शाही कर रहे हैं। इसका जवाब जनता 2022 मेें देगी। उधर, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव व सपा नेत्री निशा शर्मा ने भी नजरबंद के दौरान पुलिस पर अपमानित करने का आरोप लगाया है। इस मौके पर अब्दुल मन्नान, जफरउल्ला खां बंटी, कृपाराम यादव, अर्जुन गुप्ता, कुलदीप यादव, पप्पू यादव, मेराज हाशमी, सुमन शर्मा, शैलेश सिंह शैलू, शमीम बाबा, मोनू बाल्मीकि समेत काफी संख्या सपाई मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed