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प्राचीन मंदिर व तीन मकान नदी में बहे

Thu, 19 Sep 2019 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2019 10:54 PM IST
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Ancient temples and three houses flowed into the river
महसी के कोढ़वा गांव में कटान करती घाघरा नदी। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी तांडव मचाए हुए है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान तेज हो गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से करीब 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। महसी क्षेत्र में प्राचीन मंदिर, तीन मकान समेत करीब 20 बीघा जमीन नदी में समा गई है। उधर, भिरगूपुरवा गांव में भी कटान तेज हो गई है। डीएम ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया है। उन्होेंने कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों के साथ ही जिले में हुई तेज बरसात के बीच घाघरा नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ना शुरू हो गया है। घाघरा नदी दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। जिसके चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी भर गया है।
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महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता संजय त्रिवेदी व सुबोध त्रिवेदी समेत तीन ग्रामीणों के मकान नदी में समा गए हैं। करीब 20 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हुई है। गांव के लोग अपने मकानों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
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कोढ़वा गांव में 20 वर्ष पुराना दुर्गा मंदिर भी नदी की धारा की भेंट चढ़ गया है। एसडीएम एसएन त्रिपाठी व तहसीलदार राजेश वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया है। उधर, कैसरगंज तहसील क्षेत्र में भी घाघरा नदी कहर बरपा रही है।
भिरगूपुरवा गांव में नदी की कटान तेज है। नदी की कटान को देखते हुए गुरुवार को शंभु कुमार ने अपर जिलाधिकारी जयचंद पांडेय व एसडीएम रामजीत मौर्य के साथ गांव का निरीक्षण किया। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान को रोकने के लिए काम तेज किए जाने का निर्देश दिया।

कॉसन लगाकर गुजारी गईं ट्रेनें
जरवलरोड। घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर बढ़ गया है। जल मापक बजरंगी लाल ने बताया कि घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इसको देखते हुए घाघरा नदी पर बने रेल पुल से कॉसन देकर ट्रेनें धीमी गति से गुजारी जा रही हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घाघराघाट रेलवे के पुराने पुल पर 30 किलोमीटर प्रतिघंटा और नए पुल पर 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाए जाने का आदेश जारी किया गया है। पानी कम होने के बाद ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाए जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
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