{"_id":"66f1f02fb35bd70b96041416","slug":"amidst-the-panic-the-responsible-woke-up-on-the-second-day-reached-agnupurwa-and-investigated-bahraich-news-c-98-1-slko1011-120444-2024-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: दहशत के बीच दूसरे दिन जागे जिम्मेदार, अगनूपुरवा पहुंचकर की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: दहशत के बीच दूसरे दिन जागे जिम्मेदार, अगनूपुरवा पहुंचकर की जांच
Tue, 24 Sep 2024 04:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 24 Sep 2024 04:18 AM IST
विज्ञापन
नानपारा के अग्नूपुरवा गांव में जांच करती विभागीय टीम। -संवाद
नानपारा (बहराइच)। दो भेड़ियों द्वारा बकरी को दबोचकर भागने का वीडियो वायरल होने के बाद से नानपारा तहसील क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीण लाठी लेकर रखवाली कर रहे हैं। बावजूद इसके रविवार को न तो प्रशासन और न ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इससे संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की जिसके बाद एसडीएम, सीओ व रेंजर अगनूपुरवा पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगली जानवरों से बचाव के प्रति जागरूक किया। हालांकि वन विभाग की टीम को कोई पगचिह्न नहीं मिला।
नानपारा तहसील के नए परिसर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित अगनूपुरवा गांव से शुक्रवार की शाम घर में बंधी बकरी को भेड़िये जैसे दिखने वाले जानवर उठा ले गए थे। इसका सीसीटीवी फुटेज शनिवार की शाम वायरल हुआ था और ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी थी लेकिन आरोप है कि शनिवार से लेकर रविवार तक कोई भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचा जिससे लोगों में दहशत और बढ़ गई थी। ग्रामीणों की पीड़ा व वायरल वीडियो को लेकर अमर उजाला के सोमवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई।
विज्ञापन
खबर का संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम अश्वनी पांडेय, सीओ प्रद्युम्न सिंह व रेंजर हरिओम श्रीवास्तव सहित वन व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी ने पीड़ित बकरी स्वामी से जानकारी ली और आम के बाग व रास्तों पर पड़ताल की।
रेंजर ने वन टीम के साथ भेड़िये जैसे दिखने वाले जानवरों के पगचिह्नों की तलाश की लेकिन उन्हें मौके पर कोई पगचिह्न नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीण दो दिन की देरी के चलते पगचिह्न मिट जाने की बात कहते सुने गए।
ग्रामीणों को किया जागरूक
एसडीएम अश्वनी पांडेय ने पीड़ित मुन्ना से जानकारी ली। उसने व अन्य ग्रामीणों ने भेड़िये द्वारा बकरी उठाने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को रात में टॉर्च लेकर निकलने, घर के बाहर न साेने व डंडा आदि लेकर निकलने व सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया।
पूरे गांव में दहशत का माहौल व आक्रोश
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में भेड़िये जैसे दो जानवरों द्वारा पलक झपकते ही बकरी को उठा ले जाने का वीडियो देखने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सोमवार को भी ग्रामीण दहशत में दिखे। वहीं प्रशासन व वन विभाग की शिथिलता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी रहा।
विज्ञापन
नानपारा तहसील के नए परिसर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित अगनूपुरवा गांव से शुक्रवार की शाम घर में बंधी बकरी को भेड़िये जैसे दिखने वाले जानवर उठा ले गए थे। इसका सीसीटीवी फुटेज शनिवार की शाम वायरल हुआ था और ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी थी लेकिन आरोप है कि शनिवार से लेकर रविवार तक कोई भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचा जिससे लोगों में दहशत और बढ़ गई थी। ग्रामीणों की पीड़ा व वायरल वीडियो को लेकर अमर उजाला के सोमवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई।
विज्ञापन
खबर का संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम अश्वनी पांडेय, सीओ प्रद्युम्न सिंह व रेंजर हरिओम श्रीवास्तव सहित वन व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी ने पीड़ित बकरी स्वामी से जानकारी ली और आम के बाग व रास्तों पर पड़ताल की।
रेंजर ने वन टीम के साथ भेड़िये जैसे दिखने वाले जानवरों के पगचिह्नों की तलाश की लेकिन उन्हें मौके पर कोई पगचिह्न नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीण दो दिन की देरी के चलते पगचिह्न मिट जाने की बात कहते सुने गए।
ग्रामीणों को किया जागरूक
एसडीएम अश्वनी पांडेय ने पीड़ित मुन्ना से जानकारी ली। उसने व अन्य ग्रामीणों ने भेड़िये द्वारा बकरी उठाने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को रात में टॉर्च लेकर निकलने, घर के बाहर न साेने व डंडा आदि लेकर निकलने व सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया।
पूरे गांव में दहशत का माहौल व आक्रोश
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में भेड़िये जैसे दो जानवरों द्वारा पलक झपकते ही बकरी को उठा ले जाने का वीडियो देखने के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सोमवार को भी ग्रामीण दहशत में दिखे। वहीं प्रशासन व वन विभाग की शिथिलता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी रहा।