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Bahraich News: शिकायत लेकर पहुंचे किशोर को रातभर लॉकअप में रखा बंद
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बहराइच। पारिवारिक विवाद में पिटाई की शिकायत लेकर कोतवाली नानपारा पहुंचे 17 वर्षीय किशोर को कथित तौर पर पुलिस ने रातभर लॉकअप में बंद रखा। किशोर ने भोजन-पानी न देने और करीब 24 घंटे बाद छोड़े जाने का आरोप लगाया है। मामला बाल कल्याण समिति, किशोर न्यायपीठ के संज्ञान में आने के बाद समिति ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने की बात कही है।
नानपारा निवासी 17 वर्षीय किशोर ने समिति को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि 20 अगस्त की सुबह जमीन-जायदाद के पारिवारिक विवाद को लेकर उसके ताऊ जगत नारायण शुक्ला, रूप नारायण शुक्ला तथा उनके पुत्र अमन, रजत और शिवम उसके घर में घुस आए। आरोप है कि सभी ने उसकी पिटाई की। इससे उसे गंभीर चोटें आईं।
किशोर के अनुसार घटना की सूचना देने के लिए वह उसी दिन कोतवाली नानपारा पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही लॉकअप में रातभर बंद रखा गया और भोजन-पानी भी नहीं दिया। करीब 24 घंटे बाद उसे छोड़ा गया। किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की और शरीर पर लगी चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया।
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समिति ने पुलिस अधीक्षक को भेजा पत्र
बाल कल्याण समिति, किशोर न्यायपीठ के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि नाबालिग को लॉकअप में रखे जाने की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। समिति ने पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की बात कही गई है।
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नानपारा निवासी 17 वर्षीय किशोर ने समिति को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि 20 अगस्त की सुबह जमीन-जायदाद के पारिवारिक विवाद को लेकर उसके ताऊ जगत नारायण शुक्ला, रूप नारायण शुक्ला तथा उनके पुत्र अमन, रजत और शिवम उसके घर में घुस आए। आरोप है कि सभी ने उसकी पिटाई की। इससे उसे गंभीर चोटें आईं।
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किशोर के अनुसार घटना की सूचना देने के लिए वह उसी दिन कोतवाली नानपारा पहुंचा। आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही लॉकअप में रातभर बंद रखा गया और भोजन-पानी भी नहीं दिया। करीब 24 घंटे बाद उसे छोड़ा गया। किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की और शरीर पर लगी चोटों का चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया।
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समिति ने पुलिस अधीक्षक को भेजा पत्र
बाल कल्याण समिति, किशोर न्यायपीठ के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि नाबालिग को लॉकअप में रखे जाने की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। समिति ने पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की बात कही गई है।