{"_id":"68e95620812ad0774207d958","slug":"a-huge-crowd-gathered-on-the-last-day-of-the-materia-fair-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-138014-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: मटेरिया मेले में अंतिम दिन उमड़ी लोगों की भारी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: मटेरिया मेले में अंतिम दिन उमड़ी लोगों की भारी भीड़
विज्ञापन
बेड़नापुर में लगे मेले में झूला झूलते लोग।
- फोटो : बेड़नापुर में लगे मेले में झूला झूलते लोग।
बौंडी। तेजवापुर ब्लॉक के बेड़नापुर स्थित ऐतिहासिक मटेरिया बाग में आयोजित तीन दिवसीय मटेरिया मेला बृहस्पतिवार रात को संपन्न हो गया। मेले के अंतिम दिन दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे दिन मेला परिसर श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक लोक संस्कृति से सराबोर रहा।
मेला स्थानीय राजपरिवार की परंपरा के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है। मेले में जहां एक ओर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ हुए, वहीं दूसरी ओर झूले, स्टॉल और लोक कलाकारों के कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया।
अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन कर मन्नतें मांगीं। मेले में खिलौने, मिठाइयां, घरेलू सामान और ग्रामीण अंचल के उत्पादों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
मेला आयोजक राजकुमारी देविना सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुरूप मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लगभग एक हजार से अधिक रोगियों को दमा की दवा खिलाई गई। दवा खाने के लिए उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन जिलों के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश से भी लोग आए।
विज्ञापन
मेला स्थानीय राजपरिवार की परंपरा के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है। मेले में जहां एक ओर धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ हुए, वहीं दूसरी ओर झूले, स्टॉल और लोक कलाकारों के कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया।
विज्ञापन
अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन कर मन्नतें मांगीं। मेले में खिलौने, मिठाइयां, घरेलू सामान और ग्रामीण अंचल के उत्पादों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
मेला आयोजक राजकुमारी देविना सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुरूप मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लगभग एक हजार से अधिक रोगियों को दमा की दवा खिलाई गई। दवा खाने के लिए उत्तर प्रदेश के आधा दर्जन जिलों के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश से भी लोग आए।