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हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:04 AM IST
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25 हजार रुपया जुर्माना भी करना होगा अदा
बहराइच। पत्नी के पास मौजूद चार लाख रुपये न मिलने पर पति ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव को नाले में फेंक दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने आरोपी पति को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 25 हजार हजार रुपये जुर्माना से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष की और सजा भुगतनी होगी। दीवानी कचेहरी के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि गिलौला थाना अंतर्गत ग्राम मछियाही निवासी विशंभर विश्वकर्मा ने 25 मई 2016 को गिलौला थाने में तहरीर दी।
इसमें कहा था कि उसकी बहन रूपवती उर्फ जल्लादा (28) का पहला विवाह अकबरपुर खरगूपुर निवासी शिवकुमार के साथ हुआ था। लेकिन सड़क हादसे में पति की मौत हो गई थी। उस मामले में बहन ने क्लेम किया था। जिस पर उसे चार लाख रुपया मुआवजा मिला था।
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यह रुपया रूपवती के खाते में जमा था। कुछ दिनों बाद रूपवती का विवाह पप्पू निवासी कलकलवा मल्हीपुर के साथ कर दिया गया। लेकिन विवाह के बाद से पप्पू की नजर बहन के चार लाख रुपयों पर थी। लेकिन बहन रुपया नहीं दे रही थी।
विशंभर ने पुलिस को बताया कि 24 मई 2016 को अमवा प्रह्लादा के मंदिर पर परिवार के लोग पूजा अर्चना करने गए थे। उसी समय बहनोई पप्पू ने बहन को अपने पास रोक लिया। कुछ देर बाद घर पहुंचने की बात कही। काफी देर तक न पहुंचने पर जब खोजबीन शुरू हुई तो जमुआर नाला के निकट पप्पू रूपवती की हत्या करता दिखा।
गला कस रहा था। विरोध करने पर उसने कट्टा लहराते हुए दौड़ाया। किसी तरह सभी ने जान बचायी। लेकिन तब तक रूपवती की मौत हो चुकी थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
उसी मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार में न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उन्होंने पत्नी की हत्या के आरोप में पप्पू विश्वकर्मा उर्फ पवन को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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बहराइच। पत्नी के पास मौजूद चार लाख रुपये न मिलने पर पति ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव को नाले में फेंक दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने आरोपी पति को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 25 हजार हजार रुपये जुर्माना से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष की और सजा भुगतनी होगी। दीवानी कचेहरी के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि गिलौला थाना अंतर्गत ग्राम मछियाही निवासी विशंभर विश्वकर्मा ने 25 मई 2016 को गिलौला थाने में तहरीर दी।
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इसमें कहा था कि उसकी बहन रूपवती उर्फ जल्लादा (28) का पहला विवाह अकबरपुर खरगूपुर निवासी शिवकुमार के साथ हुआ था। लेकिन सड़क हादसे में पति की मौत हो गई थी। उस मामले में बहन ने क्लेम किया था। जिस पर उसे चार लाख रुपया मुआवजा मिला था।
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यह रुपया रूपवती के खाते में जमा था। कुछ दिनों बाद रूपवती का विवाह पप्पू निवासी कलकलवा मल्हीपुर के साथ कर दिया गया। लेकिन विवाह के बाद से पप्पू की नजर बहन के चार लाख रुपयों पर थी। लेकिन बहन रुपया नहीं दे रही थी।
विशंभर ने पुलिस को बताया कि 24 मई 2016 को अमवा प्रह्लादा के मंदिर पर परिवार के लोग पूजा अर्चना करने गए थे। उसी समय बहनोई पप्पू ने बहन को अपने पास रोक लिया। कुछ देर बाद घर पहुंचने की बात कही। काफी देर तक न पहुंचने पर जब खोजबीन शुरू हुई तो जमुआर नाला के निकट पप्पू रूपवती की हत्या करता दिखा।
गला कस रहा था। विरोध करने पर उसने कट्टा लहराते हुए दौड़ाया। किसी तरह सभी ने जान बचायी। लेकिन तब तक रूपवती की मौत हो चुकी थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
उसी मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर चार में न्यायाधीश नरेंद्र कुमार ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उन्होंने पत्नी की हत्या के आरोप में पप्पू विश्वकर्मा उर्फ पवन को उम्रकैद की सजा सुनाई।