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बहराइच को हरा-भरा करने के लिए नौ लाख पौधों रोपे जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 30 Jun 2015 10:29 PM IST
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वर्षा के साथ ही पौधरोपण का समय शुरू हो गया है। इस बार जिले में 8.92 लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन समेत सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है।
एक जुलाई से अभियान की शुरुआत होती। स्कूलों में समारोह के तहत पौध रोपित किये जाएंगे। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की होगी। कुल 1373 हेक्टेयर में पौधे लगेंगे। किसानों का भी सहयोग लिया जाएगा।
वर्षा का समय पौधरोपण के लिए अनुकूल माना जाता है। इस मौसम में पौधरोपण करने पर पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। उनके रख-रखाव में भी सहूलियत होती है। पखवारे भर पूर्व जिलाधिकारी अभय कुमार ने बैठक कर इस मामले में विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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क्षेत्रफल भी निश्चित किया गया था, जिसके तहत विभागों को पौध रोपित करवाना है। सबसे अधिक बहराइच वन प्रभाग को लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष 847 हेक्टेयर में वन विभाग को 551006 पौधे रोपित करने हैं, जबकि दूसरे नंबर ग्राम्य विकास को 448 हेक्टेयर में 191216 पौधे रोपित करने होंगे। इसी तरह अन्य विभागों को भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी का कहना है कि सभी विभागों को संजीदगी से पौधरोपण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। एक जुलाई से 30 जुलाई के मध्य पौधरोपण के लक्ष्य की पूर्ति की जाएगी। संबंधित विभागों को भी पौधरोपण किये गये पौधों की सुरक्षा भी करनी होगी। अगर किसी ने कोताही बरती तो जांच के दौरान कार्रवाई होगी।
बीते वर्ष रोपित पौधों में 75 फीसदी ही बचे
वर्ष 2014 में जिले में साढ़े छह लाख पौधे रोपित किये गये थे। इनमें 75 फीसदी पौधे ही बचे हैं। अधिकांश स्थानों पर सुरक्षा न होने के चलते पौधे या तो सूख गए या मवेशियों का चारा बन गए। यह स्थिति ग्रामीण अंचलों में अधिक रही।
पौधरोपण समिति करेगी जांच
जिलाधिकारी अभय कुमार कुमार ने बताया कि रोपित किये जाने वाले पौधों की जांच जिला पौधरोपण समिति करेगी, ऐसे में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
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एक जुलाई से अभियान की शुरुआत होती। स्कूलों में समारोह के तहत पौध रोपित किये जाएंगे। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की होगी। कुल 1373 हेक्टेयर में पौधे लगेंगे। किसानों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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वर्षा का समय पौधरोपण के लिए अनुकूल माना जाता है। इस मौसम में पौधरोपण करने पर पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। उनके रख-रखाव में भी सहूलियत होती है। पखवारे भर पूर्व जिलाधिकारी अभय कुमार ने बैठक कर इस मामले में विभागवार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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क्षेत्रफल भी निश्चित किया गया था, जिसके तहत विभागों को पौध रोपित करवाना है। सबसे अधिक बहराइच वन प्रभाग को लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष 847 हेक्टेयर में वन विभाग को 551006 पौधे रोपित करने हैं, जबकि दूसरे नंबर ग्राम्य विकास को 448 हेक्टेयर में 191216 पौधे रोपित करने होंगे। इसी तरह अन्य विभागों को भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी का कहना है कि सभी विभागों को संजीदगी से पौधरोपण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। एक जुलाई से 30 जुलाई के मध्य पौधरोपण के लक्ष्य की पूर्ति की जाएगी। संबंधित विभागों को भी पौधरोपण किये गये पौधों की सुरक्षा भी करनी होगी। अगर किसी ने कोताही बरती तो जांच के दौरान कार्रवाई होगी।
बीते वर्ष रोपित पौधों में 75 फीसदी ही बचे
वर्ष 2014 में जिले में साढ़े छह लाख पौधे रोपित किये गये थे। इनमें 75 फीसदी पौधे ही बचे हैं। अधिकांश स्थानों पर सुरक्षा न होने के चलते पौधे या तो सूख गए या मवेशियों का चारा बन गए। यह स्थिति ग्रामीण अंचलों में अधिक रही।
पौधरोपण समिति करेगी जांच
जिलाधिकारी अभय कुमार कुमार ने बताया कि रोपित किये जाने वाले पौधों की जांच जिला पौधरोपण समिति करेगी, ऐसे में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।