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स्वास्थ्य विभाग पर बिजली बिल के 81 लाख बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2016 10:12 PM IST
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पावर कॉर्पोरेशन ने जिला अस्पताल प्रबंधन को 81 लाख रुपये का विद्युत बिल जमा करने को नोटिस जारी किया है। इसके लिए सीएमएस को महकमे की ओर से पत्र भेजा गया है। वहीं सीएमएस ने अधिक बिल के लिए अस्पताल उच्चीकरण में लगे राजकीय निर्माण निगम को जिम्मेदार ठहराया है।
दूसरी ओर निर्माण निगम ने चिकित्सालय निर्माण में जनरेटर चलाकर कराने की बात कहते हुए बिल भुगतान करने से इन्कार कर दिया है।
जिला अस्पताल में बीते दो सालों से उच्चीकरण का कार्य चल रहा हैै। यहां 300 बेड का भवन बनाया जा रहा है। शासन ने अस्पताल को उच्चीकृत करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड श्रावस्ती को सौंपी हैै। करीब 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
मार्च में पावर कॉर्पोरेशन की ओर से जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को 81 लाख रुपये विद्युत बिल बकाएदारी का पत्र जारी किया गया। सीएमएस ने इस बकाएदारी के लिए निर्माण निगम को जिम्मेदार ठहराया है।
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उन्होंने कहा कि दो वर्षों से अनाधिकृत रूप से चिकित्सालय के विद्युत कनेक्शन से अपना तार जोड़कर निर्माण इकाई बिजली का उपयोग कर रही है। इसके चलते इतना अधिक बिल बकाया हुआ है। बिजली कनेक्शन संख्या, यूनिट विद्युत व्यय व कितना भुगतान किया गया आदि के मुद्दे पर उन्होंने निर्माण निगम को पत्र लिखा है।
वहीं दूसरी ओर निर्माण निगम ने कनेक्शन मिलने से साफ इन्कार कर दिया है। निर्माण निगम ने संपूर्ण कार्य जनरेटर चलाकर किए जाने का हवाला दिया है।
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दूसरी ओर निर्माण निगम ने चिकित्सालय निर्माण में जनरेटर चलाकर कराने की बात कहते हुए बिल भुगतान करने से इन्कार कर दिया है।
जिला अस्पताल में बीते दो सालों से उच्चीकरण का कार्य चल रहा हैै। यहां 300 बेड का भवन बनाया जा रहा है। शासन ने अस्पताल को उच्चीकृत करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड श्रावस्ती को सौंपी हैै। करीब 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
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मार्च में पावर कॉर्पोरेशन की ओर से जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को 81 लाख रुपये विद्युत बिल बकाएदारी का पत्र जारी किया गया। सीएमएस ने इस बकाएदारी के लिए निर्माण निगम को जिम्मेदार ठहराया है।
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उन्होंने कहा कि दो वर्षों से अनाधिकृत रूप से चिकित्सालय के विद्युत कनेक्शन से अपना तार जोड़कर निर्माण इकाई बिजली का उपयोग कर रही है। इसके चलते इतना अधिक बिल बकाया हुआ है। बिजली कनेक्शन संख्या, यूनिट विद्युत व्यय व कितना भुगतान किया गया आदि के मुद्दे पर उन्होंने निर्माण निगम को पत्र लिखा है।
वहीं दूसरी ओर निर्माण निगम ने कनेक्शन मिलने से साफ इन्कार कर दिया है। निर्माण निगम ने संपूर्ण कार्य जनरेटर चलाकर किए जाने का हवाला दिया है।