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30 बीघा खेत नदी में समाया
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:43 PM IST
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कटान करती नदी
- फोटो : अमर उजाला
घाघरा का जलस्तर कम होने के साथ ही नदी ने महसी क्षेत्र में कटान तेज कर दी है। घाघरा की कटान से ग्रामीणों में दहशत है, जिसके चलते ग्रामीणों ने पलायन भी शुरू कर दिया है। कटान होने से मंगलवार को 230 बीघा खेत नदी में समाहित हो गया। महसी में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर दूर है, लेकिन कटान के चलते ग्रामीण पलायन को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कटान होने की सूचना तहसील प्रशासन को दी है, लेकिन सूचना के बाद भी राजस्वकर्मियों की टीम गांव नहीं पहुंची है।
घाघरा नदी का जलस्तर नेपाल के पहाड़ी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण रविवार से तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान को पार करते हुए 106.166 सेंटीमीटर पहुंच गया था।
वहीं, मंगलवार को नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर रहा। उधर, महसी में भी घाघरा नदी का जलस्तर बिसवंा के स्पर पर थपेड़े ले रहा है। मापक बहोरीलाल ने बताया कि नदी का जलस्तर 112.2 सेंटीमीटर है। यह खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर कम है। वहीं जलस्तर कम होने के कारण नदी ने कटान भी तेज कर दी है। गोलागंज गांव निवासी ग्रामीणों ने नदी की कटान को देखते हुए पलायन शुरू कर दिया है।
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ग्रामीण अपने घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं। नदी की कटान के चलते गांव निवासी राधेश्याम, दीपाली, राजेंद्र प्रसाद, जीवनलाल, देवराज सिंह, भूले, सुकई, नकछेद, राममिलन, गौरव सिंह, सुंदरलाल सिंह का लगभग 230 बीघा खेत नदी में समाहित हो गया है। कटान कर रहे खेतों में धान, परवल व मक्के की फसल भी लगी हुई थी। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
उपजिलाधिकारी महसी नागेंद्र कुमार ने कहा कि महसी तहसील का पूरा इलाका बाढ़ प्रभावित है। सभी बाढ़ चौकियों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी हैं। कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ितों को मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी।
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घाघरा नदी का जलस्तर नेपाल के पहाड़ी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण रविवार से तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान को पार करते हुए 106.166 सेंटीमीटर पहुंच गया था।
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वहीं, मंगलवार को नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर रहा। उधर, महसी में भी घाघरा नदी का जलस्तर बिसवंा के स्पर पर थपेड़े ले रहा है। मापक बहोरीलाल ने बताया कि नदी का जलस्तर 112.2 सेंटीमीटर है। यह खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर कम है। वहीं जलस्तर कम होने के कारण नदी ने कटान भी तेज कर दी है। गोलागंज गांव निवासी ग्रामीणों ने नदी की कटान को देखते हुए पलायन शुरू कर दिया है।
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ग्रामीण अपने घरों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने को मजबूर हो गए हैं। नदी की कटान के चलते गांव निवासी राधेश्याम, दीपाली, राजेंद्र प्रसाद, जीवनलाल, देवराज सिंह, भूले, सुकई, नकछेद, राममिलन, गौरव सिंह, सुंदरलाल सिंह का लगभग 230 बीघा खेत नदी में समाहित हो गया है। कटान कर रहे खेतों में धान, परवल व मक्के की फसल भी लगी हुई थी। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
उपजिलाधिकारी महसी नागेंद्र कुमार ने कहा कि महसी तहसील का पूरा इलाका बाढ़ प्रभावित है। सभी बाढ़ चौकियों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी हैं। कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों की रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ितों को मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी।