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सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारम्भ
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बहराइच। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने को लेकर सोमवार को सड़क सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किसान पीजी कॉलेज सभागार में हुआ। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं यातायात नियमों के प्रति सजग होकर दुर्घटनाओं पर अंकुुश लगाया जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएम शंभु कुमार ने कहा कि किसी भी मार्ग दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध हो जाने पर घायल लोगों की जान बचने की संभावना अधिक रहती है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगी और उसको दुर्घटना के बारे में गवाह बनाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा लेकिन लोगों को इन दिशा-निर्देशों की जानकारी न होने से अक्सर लोग घायलों की मदद करने से गुरेज करते हैं। डीएम ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं व एनसीसी कैडेट्स से कहा कि सभी लोगों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी देते हुये जागरूक करें।
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एआरटीओ प्रवर्तन अशोक कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान 18 जून को सीट-बेल्ट, हेलमेट न लगाने वालों, ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही, नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाले माल वाहनों के विरुद्ध ब्रेथ-एनालाइजर द्वारा चेकिंग की जायेगी। बताया कि 19 जून को ओवरलोडिंग यात्री व मालवाहक वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर अभियान चलेगा।
20 जून को वाहनों में सेफ्टी डिवाइसेज के साथ-साथ उनके फिटनेस, परमिट व प्रदूषण से संबंधित चेकिंग की जायेगी जबकि 21 को भारी व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए स्वास्थ्य शिविर और 22 जून को सुबह नौ बजे से सड़क सुरक्षा व पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बाइक रैली व शाम सात बजे से पानी टंकी चौराहा से शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाल कर लोगों को जागरूक किया जायेगा।
कार्यक्रम को एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, प्राचार्य मेजर डॉ. एसपी सिंह, डीआईओएस राजेंद्र पांडेय, एआरटीओ प्रशासन वीरेंद्र सिंह, बीएसए एसके तिवारी ने भी संबोधित किया। संचालन शिक्षक रईस सिद्दीकी ने किया। इस मौके पर नगर क्षेत्राधिकारी टीएन दुबे, एआरएम मोहम्मद इरफान, एसएन शुक्ला व डॉ. उस्मान आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएम शंभु कुमार ने कहा कि किसी भी मार्ग दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध हो जाने पर घायल लोगों की जान बचने की संभावना अधिक रहती है।
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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगी और उसको दुर्घटना के बारे में गवाह बनाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा लेकिन लोगों को इन दिशा-निर्देशों की जानकारी न होने से अक्सर लोग घायलों की मदद करने से गुरेज करते हैं। डीएम ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं व एनसीसी कैडेट्स से कहा कि सभी लोगों को यातायात नियमों के बारे में जानकारी देते हुये जागरूक करें।
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एआरटीओ प्रवर्तन अशोक कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान 18 जून को सीट-बेल्ट, हेलमेट न लगाने वालों, ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही, नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाले माल वाहनों के विरुद्ध ब्रेथ-एनालाइजर द्वारा चेकिंग की जायेगी। बताया कि 19 जून को ओवरलोडिंग यात्री व मालवाहक वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर अभियान चलेगा।
20 जून को वाहनों में सेफ्टी डिवाइसेज के साथ-साथ उनके फिटनेस, परमिट व प्रदूषण से संबंधित चेकिंग की जायेगी जबकि 21 को भारी व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए स्वास्थ्य शिविर और 22 जून को सुबह नौ बजे से सड़क सुरक्षा व पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर बाइक रैली व शाम सात बजे से पानी टंकी चौराहा से शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाल कर लोगों को जागरूक किया जायेगा।
कार्यक्रम को एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, प्राचार्य मेजर डॉ. एसपी सिंह, डीआईओएस राजेंद्र पांडेय, एआरटीओ प्रशासन वीरेंद्र सिंह, बीएसए एसके तिवारी ने भी संबोधित किया। संचालन शिक्षक रईस सिद्दीकी ने किया। इस मौके पर नगर क्षेत्राधिकारी टीएन दुबे, एआरएम मोहम्मद इरफान, एसएन शुक्ला व डॉ. उस्मान आदि मौजूद रहे।