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ठंड बढ़ी, नन्हें-मुन्हों की मुसीबत
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:02 PM IST
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बहराइच। ठंडक अचानक बढ़ गई है। सुबह और रात में गलन के साथ ठिठुरन का एहसास होने लगा है। सबसे अधिक दिक्कत सुबह स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्हे बच्चों को हो रही है। निरंतर चल रही पछुवा हवाओं से तापमान में और गिरावट दर्ज हुई है। एक डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने के चलते दिक्कत और बढ़ गई है। मौसमविदों के मुताबिक आगामी दिनों में तापमान में और भी गिरावट दर्ज होगी।
तराई में मौसम निरंतर बदल रहा है। बीते तीन दिन से अचानक ठंड बढ़ी है। बुधवार सुबह ठंड का असर कुछ अधिक ही दिखा। भोर में लोगों ने बिस्तर छोड़ा तो उन्हें गलन और ठिठुरन का सामना करना पड़ा। कोहरा तो नहीं था। लेकिन बाहर निकलने पर लोग कांपने को मबजूर हो गए। यही स्थिति सुबह नौ बजे तक रही। हल्की धूप निकलने पर लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। लेकिन इसके पूर्व सुबह सात से आठ बजे के मध्य स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्हें बच्चे कांपते हुए बस्ता लेकर स्कूल को रवाना हुए। जो बच्चे रिक्शे में बैठे थे। वह भी कांपते नजर आए। तराई में अचानक ठंड बढ़ने के बावजूद अब तक स्कूलों के समय में परिवर्तन नहीं हुआ है। जिससे नन्हें-मुन्हों की मुसीबत बढ़ गई है। वहीं मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमोत्तर दिशा में हवाएं आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं। जिससे ठिठुरन और गलन का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौसम में तब्दीली निरंतर होती रहेगी। ठंड और बढ़ेगी।
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तराई में मौसम निरंतर बदल रहा है। बीते तीन दिन से अचानक ठंड बढ़ी है। बुधवार सुबह ठंड का असर कुछ अधिक ही दिखा। भोर में लोगों ने बिस्तर छोड़ा तो उन्हें गलन और ठिठुरन का सामना करना पड़ा। कोहरा तो नहीं था। लेकिन बाहर निकलने पर लोग कांपने को मबजूर हो गए। यही स्थिति सुबह नौ बजे तक रही। हल्की धूप निकलने पर लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। लेकिन इसके पूर्व सुबह सात से आठ बजे के मध्य स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्हें बच्चे कांपते हुए बस्ता लेकर स्कूल को रवाना हुए। जो बच्चे रिक्शे में बैठे थे। वह भी कांपते नजर आए। तराई में अचानक ठंड बढ़ने के बावजूद अब तक स्कूलों के समय में परिवर्तन नहीं हुआ है। जिससे नन्हें-मुन्हों की मुसीबत बढ़ गई है। वहीं मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को भी दिक्कत उठानी पड़ रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमोत्तर दिशा में हवाएं आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं। जिससे ठिठुरन और गलन का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौसम में तब्दीली निरंतर होती रहेगी। ठंड और बढ़ेगी।
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