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भाकियू ने किसानहित में धरना प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन
Updated Fri, 23 Jun 2017 04:19 AM IST
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भाकियू ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्याओं का निराकरण कराने की उठाई मांग
बहराइच। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में किसान हित में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्हाेंने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यमुना नदी का शुद्धिकरण समेत अन्य लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग की।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे मांगपत्र में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा है कि यमुना नदी का 60 प्रतिशत रोका गया पानी छोड़ा जाए। दिल्ली के 22 छोटे बड़े गंदे नाले यमुना नदी में गिर रहे हैं। यमुना वृंदावन तक सभी गंदे नालों को बंद कर ट्रीटमेंट प्लान के जरिए साफ कर यमुना के समानांतर पक्की दीवार वाली बड़े नहर के द्वारा कृषि कार्य में प्रयोग कराया जाए। देश के किसानों के कर्जे माफ किए जाएं। किसान आयोग का गठन कर किसानों को उत्पादक के सापेक्ष दाम तय करने का अधिकार दिया जाए। 60 वर्ष पूरे कर चुके किसानों को पांच हजार पेंशन दी जाए। देश के गन्ना किसानों का बकाया सूत समेत वापस दिलाया जाये। सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त की जाए। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर लाभकरी मूल्य दिया जाए। आंदोलन के दौरान गोलीकांड में मारे गए मंदसौर के 6 किसानों के परिवारीजनों को 5-5 करोड़ रुपये मुआवजा देकर परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज नौकरी से बर्खास्त किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही मांगों पर विचार करके इस दिशा में कोई कदम नही उठा गए तो तो सभी साधु संतों के साथ पुन: आंदोलन शुरू कर देंगे। धरने के दौरान पूरनबन गोस्वामी, राजेंद्र प्रसाद, आफताब आलम, कैलाशनाथ पांडेय, दधीच श्रीवास्तव, लालाराम साहू, सुरेशचंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर समस्याओं का निराकरण कराने की उठाई मांग
बहराइच। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में किसान हित में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्हाेंने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यमुना नदी का शुद्धिकरण समेत अन्य लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग की।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे मांगपत्र में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा है कि यमुना नदी का 60 प्रतिशत रोका गया पानी छोड़ा जाए। दिल्ली के 22 छोटे बड़े गंदे नाले यमुना नदी में गिर रहे हैं। यमुना वृंदावन तक सभी गंदे नालों को बंद कर ट्रीटमेंट प्लान के जरिए साफ कर यमुना के समानांतर पक्की दीवार वाली बड़े नहर के द्वारा कृषि कार्य में प्रयोग कराया जाए। देश के किसानों के कर्जे माफ किए जाएं। किसान आयोग का गठन कर किसानों को उत्पादक के सापेक्ष दाम तय करने का अधिकार दिया जाए। 60 वर्ष पूरे कर चुके किसानों को पांच हजार पेंशन दी जाए। देश के गन्ना किसानों का बकाया सूत समेत वापस दिलाया जाये। सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त की जाए। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर लाभकरी मूल्य दिया जाए। आंदोलन के दौरान गोलीकांड में मारे गए मंदसौर के 6 किसानों के परिवारीजनों को 5-5 करोड़ रुपये मुआवजा देकर परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज नौकरी से बर्खास्त किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही मांगों पर विचार करके इस दिशा में कोई कदम नही उठा गए तो तो सभी साधु संतों के साथ पुन: आंदोलन शुरू कर देंगे। धरने के दौरान पूरनबन गोस्वामी, राजेंद्र प्रसाद, आफताब आलम, कैलाशनाथ पांडेय, दधीच श्रीवास्तव, लालाराम साहू, सुरेशचंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
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