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आठ दिन से अंधेरे में सीएचसी मुस्तफाबाद के कर्मचारी व मरीज
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
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सीएचसी मुस्तफाबाद में आठ दिन से बिजली गुल
इंजेक्शन व वायल के खराब होने की आशंका
घाघराघाट (बहराइच)। मुस्तफाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 63 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से स्वास्थ्य केंद्र को बिजली दी जाती है। लेकिन यह ट्रांसफार्मर आठ दिन पहले फुंक गया था। इसकी जानकारी चीफ फार्मेसिस्ट ने एसडीओ कैसरगंज को दी थी। अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। जिससे आठ दिनों से स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीज जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं स्वास्थ्यकर्मी व चिकित्सक भी अंधेरे में कार्य करने को विवश हैं।
प्रदेश सरकार ने ट्रांसफार्मर फुंकने पर शहरी क्षेत्र में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में बदलने का निर्देश दिया है। लेकिन पावर कॉर्पोरेशन ने प्रदेश सरकार के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जिससे गांव तो दूर, स्वास्थ्य केंद्रों के ट्रांसफार्मर भी हफ्तों बाद नहीं बदले जा रहे हैं। सीएचसी मुस्तफाबाद के चीफ फार्मेसिस्ट आरपी यादव ने बताया कि आठ दिन पूर्व विद्युत ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसकी शिकायत जेई से की गई, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया है। जिससे अस्पताल आने वाले मरीज अंधेरे में इलाज कराने को विवश हैं। स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी व चिकित्सक भी अंधेरे में ड्यूटी करने को मजबूर हैं। ट्रांसफार्मर न लगने से अस्पताल में रखे इंजेक्शन व वायल के भी खराब होने की आशंका बढ़ गई है। कैसरगंज के एसडीओ वेंकेट रमन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सीएचसी परिसर में लगे ट्रांसफार्मर को पांच दिन पूर्व बदल दिया गया था। लेकिन ट्रांसफार्मर लगने के दो दिन बाद ही बारिश में पुन: फुंक गया। जल्द ही दोबारा ट्रांसफार्मर बदला जाएगा।
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इंजेक्शन व वायल के खराब होने की आशंका
घाघराघाट (बहराइच)। मुस्तफाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 63 केवी के विद्युत ट्रांसफार्मर से स्वास्थ्य केंद्र को बिजली दी जाती है। लेकिन यह ट्रांसफार्मर आठ दिन पहले फुंक गया था। इसकी जानकारी चीफ फार्मेसिस्ट ने एसडीओ कैसरगंज को दी थी। अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। जिससे आठ दिनों से स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीज जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं स्वास्थ्यकर्मी व चिकित्सक भी अंधेरे में कार्य करने को विवश हैं।
प्रदेश सरकार ने ट्रांसफार्मर फुंकने पर शहरी क्षेत्र में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में बदलने का निर्देश दिया है। लेकिन पावर कॉर्पोरेशन ने प्रदेश सरकार के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जिससे गांव तो दूर, स्वास्थ्य केंद्रों के ट्रांसफार्मर भी हफ्तों बाद नहीं बदले जा रहे हैं। सीएचसी मुस्तफाबाद के चीफ फार्मेसिस्ट आरपी यादव ने बताया कि आठ दिन पूर्व विद्युत ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसकी शिकायत जेई से की गई, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया है। जिससे अस्पताल आने वाले मरीज अंधेरे में इलाज कराने को विवश हैं। स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी व चिकित्सक भी अंधेरे में ड्यूटी करने को मजबूर हैं। ट्रांसफार्मर न लगने से अस्पताल में रखे इंजेक्शन व वायल के भी खराब होने की आशंका बढ़ गई है। कैसरगंज के एसडीओ वेंकेट रमन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सीएचसी परिसर में लगे ट्रांसफार्मर को पांच दिन पूर्व बदल दिया गया था। लेकिन ट्रांसफार्मर लगने के दो दिन बाद ही बारिश में पुन: फुंक गया। जल्द ही दोबारा ट्रांसफार्मर बदला जाएगा।
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