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जलभराव की मार झेल रहे मलकपुर के ग्रामीण
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मलकपुर गांव में गलियों में जलभराव का दृश्य।
- फोटो : BARAUT
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बिन बरसात ही गलियों में भरा हुआ है दो-दो फीट तक गंदा पानी
गंदे पानी से गुजरने को मजबूर है ग्रामीण, अधिकारी बने मूकदर्शक
बड़ौत। बड़ौत तहसील से मलकपुर गांव तकरीबन पांच किलोमीटर दूर स्थित है। गांव की मुख्य समस्या इस समय जल भराव व गंदगी है। गांव में पानी निकासी न होने के कारण गांव की आधी आबादी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। आलम यह है कि बिन बरसात ही गलियों में दो-दो फीट तक गंदा पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीण गंदे पानी से गुजरने को मजबूर है। यह हालत तब है जब गांव में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान, राजीव तोमर, एशियन चैंपियन सुभाष, लक्ष्मीबाई अवार्ड विजेता अंशु पहलवान गांव का नाम देश-दुनिया तक रोशन कर चुके है।
ये बोले ग्रामीण
अंतराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर के पिता जितेंद्र तोमर का कहना है कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण गांव की गलियों में बिन बरसात एक से दो फीट गंदा पानी भरा हुआ है। गंदे पानी में मच्छर पनपना शुरू हो गया है। इससे गांव मेें संक्रमण रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
देवेंद्र का कहना है कि कई बार जल भराव की समस्या से निजात दिलाने विभागीय अफसरों से शिकायत कर चुके है। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को विवश है।
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शिकायत प्राप्त हुई है। जल्द ही टीम गांव में भेजी जाएगी। जलनिकासी का प्रबंध कराया जाएगा। - राहुल वर्मा, बीडीओ।
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गंदे पानी से गुजरने को मजबूर है ग्रामीण, अधिकारी बने मूकदर्शक
बड़ौत। बड़ौत तहसील से मलकपुर गांव तकरीबन पांच किलोमीटर दूर स्थित है। गांव की मुख्य समस्या इस समय जल भराव व गंदगी है। गांव में पानी निकासी न होने के कारण गांव की आधी आबादी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। आलम यह है कि बिन बरसात ही गलियों में दो-दो फीट तक गंदा पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीण गंदे पानी से गुजरने को मजबूर है। यह हालत तब है जब गांव में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र पहलवान, राजीव तोमर, एशियन चैंपियन सुभाष, लक्ष्मीबाई अवार्ड विजेता अंशु पहलवान गांव का नाम देश-दुनिया तक रोशन कर चुके है।
ये बोले ग्रामीण
अंतराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर के पिता जितेंद्र तोमर का कहना है कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण गांव की गलियों में बिन बरसात एक से दो फीट गंदा पानी भरा हुआ है। गंदे पानी में मच्छर पनपना शुरू हो गया है। इससे गांव मेें संक्रमण रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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देवेंद्र का कहना है कि कई बार जल भराव की समस्या से निजात दिलाने विभागीय अफसरों से शिकायत कर चुके है। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को विवश है।
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शिकायत प्राप्त हुई है। जल्द ही टीम गांव में भेजी जाएगी। जलनिकासी का प्रबंध कराया जाएगा। - राहुल वर्मा, बीडीओ।