Nikay Chunav: भाजपा के दावेदारों में दिल्ली-लखनऊ के लिए दौड़ शुरू, 2017 में बसपा ने किया था मेयर सीट पर कब्जा
UP Nikay Chunav 2023 : भाजपा के दावेदारों में दिल्ली और लखनऊ के लिए दौड़ शुरू हो गई है। वहीं, 2017 में बसपा प्रत्याशी ने महापौर पद पर कब्जा किया था।
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मेरठ में महापौर पद के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद भाजपा में तमाम दावेदारों ने लखनऊ-दिल्ली की दौड़ शुरू कर दी है। टिकट के लिए सबसे ज्यादा लंबी सूची भाजपा में ही है।
2017 में मेरठ नगर निगम की सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। बसपा से चुनाव लड़ी सुनीता वर्मा ने कांता कर्दम को 15 हजार से अधिक वोटों से हराया था। उस समय सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित थी। भाजपा इस सीट को हर हाल में जीतने की कवायद में जुटी है। इस बार सीट ओबीसी कोटे में गई है।
बताया गया कि महापौर पद के दावेदारों की लंबी सूची है। अगर भाजपा जाट समाज के प्रत्याशी पर दांव लगाती है तो दावेदारों की संख्या काफी है। डॉ. तनुराज सिरोही, मनिंदरपाल सिंह और पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा की मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। इनके अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज राठी, डॉ. जेवी चिकारा, अंजू वारियर और मीनाक्षी भराला की भी दावेदारी मानी जा रही है। पार्टी यदि गुर्जर समाज पर भी दांव लगाती है तो नरेश गुर्जर, पूर्व महापौर सुशील गुर्जर, विनय प्रधान, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोशवाल और बलराज डूंगर की मजबूत दावेदारी है।
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पंजाबी समाज से भी दो दावेदार
पजांबी समाज भी मेरठ में लंबे समय से अपने प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है। ऐसे में अगर भाजपा पंजाबी समाज से ताल्लुक रखने वाले प्रत्याशी को लड़ाती है तो पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया और पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष सुनील वाधवा की पत्नी पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
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लखनऊ-दिल्ली से लगेगी टिकट पर मुहर
भाजपा में महापौर पद के लिए टिकट पर मुहर लखनऊ और दिल्ली से लगेगी। कोर कमेटी यहां से नाम तय करने के बाद लखनऊ भेजेगी, वहां से हरी झंडी मिलने के बाद दिल्ली से अंतिम मुहर लगेगी। ऐसे में सारे दावेदारों ने लखनऊ से दिल्ली तक सिफारिशें लगाना शुरू कर दिया है।