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Baghpat News: गूगल मैप ने कराया 19 साल बाद इतना बड़ा हादसा
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बागपत। गूगल मैप जहां लोगों को फायदा देता है, वहीं कई बार यह जानलेवा भी साबित हो रहा है। बागपत में 19 साल बाद हुए इतने बड़े हादसे में गूगल मैप भी बड़ा कारण रहा। बागपत में इससे पहले वर्ष 2007 में मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी के पास टेंपो पलटने से सिवालखास जिला मेरठ के 13 लोगों की मौत हुई थी। उसके बाद भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन एक साथ हादसे में 12 लोगों की मौत 19 साल बाद हुई है।
राजस्थान के गोगामेड़ी बागड़ धाम से वापस जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप गाड़ी को चालक विपिन ने गलती से बड़ागांव कट पर नीचे उतार दिया था। वहां से वापस पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़े और यूटर्न लेने के लिए गूगल मैप पर रास्ता देखा। गूगल मैप ने 200 मीटर आगे चलने पर एक कट दिखाया, जो पत्थरों को रखकर एनएचएआई ने बंद किया हुआ था। गूगल मैप के सहारे चालक कट से यूटर्न लेने के लिए गाड़ी को डिवाइडर के किनारे वाली लाइन पर लेकर चले गए। तभी पीछे से आए कैंटर की साइड लगने से हादसा हो गया।
गूगल मैप के कारण निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर हुई थी दो दोस्तों की मौत
अप्रैल माह में गूगल मैप पर रास्ता देखकर दिल्ली के नांगलोई से देहरादून जा रहे इंजीनियर कपिल और उनके दोस्त प्रयागराज कौशिक की कार निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चढ़ गई थी। तभी एक्सप्रेसवे पर बीच में रखे पत्थरों से कार टकरा गई। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।
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19 साल पहले हुई थी 13 की मौत
बसौद गांव में व्यक्ति की मौत होने पर वर्ष 2007 में सिवालखास के रिश्तेदार टेंपो लेकर आए थे। बसौद से वापस सिवालखास जाते समय मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी के पास उनका टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह घायल हो गए थे।
नाव हादसे में गई थी 19 की जान
काठा गांव में सितंबर 2017 में हरियाणा मजदूरी करने जा रहे मजदूरों की नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस हादसे में महिला मजदूरों समेत 19 की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि छह मजदूरों को बचाकर बाहर निकाला गया था।
कैंटर की टक्कर से बाइक सवार पांच की हुई थी मौत
अगस्त 2022 में डौला गांव के किसान फतेह मोहम्मद अपनी गर्भवती पत्नी तबस्सुम, बेटी इलमा, इकरा, मायरा के साथ सिवालखास ससुराल में गए थे। वहां से वापस आते समय मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी टोल प्लाजा के पास कैंटर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार फतेह मोहम्मद, उनकी पत्नी और तीन बेटियों की मौत हो गई थी।
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राजस्थान के गोगामेड़ी बागड़ धाम से वापस जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप गाड़ी को चालक विपिन ने गलती से बड़ागांव कट पर नीचे उतार दिया था। वहां से वापस पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़े और यूटर्न लेने के लिए गूगल मैप पर रास्ता देखा। गूगल मैप ने 200 मीटर आगे चलने पर एक कट दिखाया, जो पत्थरों को रखकर एनएचएआई ने बंद किया हुआ था। गूगल मैप के सहारे चालक कट से यूटर्न लेने के लिए गाड़ी को डिवाइडर के किनारे वाली लाइन पर लेकर चले गए। तभी पीछे से आए कैंटर की साइड लगने से हादसा हो गया।
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गूगल मैप के कारण निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर हुई थी दो दोस्तों की मौत
अप्रैल माह में गूगल मैप पर रास्ता देखकर दिल्ली के नांगलोई से देहरादून जा रहे इंजीनियर कपिल और उनके दोस्त प्रयागराज कौशिक की कार निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चढ़ गई थी। तभी एक्सप्रेसवे पर बीच में रखे पत्थरों से कार टकरा गई। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।
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19 साल पहले हुई थी 13 की मौत
बसौद गांव में व्यक्ति की मौत होने पर वर्ष 2007 में सिवालखास के रिश्तेदार टेंपो लेकर आए थे। बसौद से वापस सिवालखास जाते समय मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी के पास उनका टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह घायल हो गए थे।
नाव हादसे में गई थी 19 की जान
काठा गांव में सितंबर 2017 में हरियाणा मजदूरी करने जा रहे मजदूरों की नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस हादसे में महिला मजदूरों समेत 19 की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि छह मजदूरों को बचाकर बाहर निकाला गया था।
कैंटर की टक्कर से बाइक सवार पांच की हुई थी मौत
अगस्त 2022 में डौला गांव के किसान फतेह मोहम्मद अपनी गर्भवती पत्नी तबस्सुम, बेटी इलमा, इकरा, मायरा के साथ सिवालखास ससुराल में गए थे। वहां से वापस आते समय मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर बालैनी टोल प्लाजा के पास कैंटर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार फतेह मोहम्मद, उनकी पत्नी और तीन बेटियों की मौत हो गई थी।