UP Nikay Chunav: आखिर जारी हुई निकाय चुनाव की आरक्षण सूची, यहां देखें पश्चिमी यूपी की पूरी लिस्ट
UP Nikay Chunav 2023 : निकाय चुनाव के सीटों के आरक्षण की अनंनतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है। यहां देखिए पश्चिमी यूपी की पूरी लिस्ट।
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बृहस्पतिवार शाम को निकाय चुनाव की आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। वहीं, सूची जारी होने से जहां कुछ की उम्मीदों पर विराम लग गया है तो वहीं कुछ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
शासन ने निकाय चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को आरक्षण की सूची जारी कर दी है। मेरठ महापौर सीट ओबीसी वर्ग के लिए ही आरक्षित रखी गई है। नगर पालिका मवाना अनारिक्षत और सरधना नगर पालिका पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई है।
महापौर सीट पहले भी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई थी। जिसके चलते सभी पार्टियों में ओबीसी वर्ग के दावेदारों की तरफ से आवेदन कर दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निकाय चुनाव को हरी झंडी मिलने के बाद दोबारा से आरक्षण जारी किया गया है। इसमें भी मेरठ महापौर सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित की गई है।
नगर पंचायतों की बात करें तो हस्तिनापुर अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई है। बहसूमा अनुसूचित जाति, खरखौदा अनारक्षित, दौराला अनारक्षित, करनावल पिछड़ा वर्ग, परीक्षितगढ़ अनारक्षित, फलावदा पिछड़ा वर्ग, लावड़ पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई है।
वहीं सिवालखास महिला, किठौर महिला और नगर पंचायत हर्रा अनारक्षित रखी गई है। इन सीटों के आरक्षण को लेकर अगर किसी को आपत्ति है तो वह छह अप्रैल की शाम छह बजे तक आपत्ति कर सकता है। इसके बाद फाइनल आरक्षण जारी कर दिया जाएगा।
आरक्षण में बदलाव से बिगड़ गए दावेदारों के समीकरण
अभी निकाय चुनाव की तारीख तय नहीं हो सकी लेकिन, शासन ने बृहस्पतिवार को आरक्षण की अधिसूचना जारी कर दी। बिजनौर जिले की छह पालिकाओं और चार नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के आरक्षण में बदलाव ने दावेदारों के समीकरण बिगाड़ कर रख दिए हैं।
बिजनौर नगर पालिका की बात करें तो पहले जारी हुई अधिसूचना में यह अनारक्षित थी, अब बदलाव करते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इससे चेयरमैन बनने का ख्वाब देख कर रहे कई दावेदारों के समीकरण ही बिगड़ गए हैं। हालांकि अब महिलाओं के लिए सीट आरक्षित होने से कई अन्य चेहरे भी सामने आ जाएंगे। सूत्रों की मानें तो कई दावेदारों ने पार्टी से टिकट पक्का करा लिया था लेकिन, अब इन्हें अपनी पत्नी या परिवार की अन्य महिला को टिकट दिलाने के लिए फिर से भागदौड़ करनी पड़ेगी। कुछ नेता पत्नियों को चुनाव में उतारना नहीं चाहते हैं, वे चुनाव से बाहर हो गए हैं।
शहर ही नहीं बल्कि अन्य पालिकाओं और नगर पंचायतों में आरक्षण में हुए बदलाव से यही स्थिति बन रही है। किरतपुर को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, अब यह अनारक्षित कर दी गई है। बता दें कि पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर मामला हाईकोर्ट में जाने की वजह से सरकार को फिर से अधिसूचना जारी करनी पड़ी है।
| निकाय | पहले | अब |
| बिजनौर | अनारक्षित | महिला |
| नगीना | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नजीबाबाद | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नूरपुर | अनारक्षित | अनारक्षित |
| स्योहारा | अनारक्षित | अनारक्षित |
| चांदपुर | चांदपुर | अनारक्षित |
| नहटौर | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| धामपुर | अनारक्षित | अनारक्षित |
| अफजलगढ़ | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| हल्दौर | अनारक्षित | अनुसूचित जाति |
| किरतपुर | अनुसूचित जाति | अनारक्षित |
| शेरकोट | अनुसूचित जाति | पिछड़ा वर्ग |
| नगर पंचायत आरक्षण की स्थिति | ||
| झालू | महिला | अनारक्षित |
| मंडावर | अनारक्षित | अनारक्षित |
| बढ़ापुर | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| सहसपुर | अनारक्षित | महिला |
| जलालाबाद | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| साहनपुर | अनारक्षित | अनारक्षित |
मुजफ्फरनगर के आरक्षण में इस तरह हुआ बदलाव
| निकाय | पहले | अब |
| मुजफ्फरनगर | अनारक्षित | महिला |
| खतौली | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| चरथावल | महिला | अनारक्षित |
| सिसौली | महिला | पिछड़ा वर्ग महिला |
| भोकरहेड़ी | अन्य पिछड़ा वर्ग | एससी महिला |
| जानसठ | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| बुढ़ाना | अनारक्षित | महिला |
| शाहपुर | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| मीरापुर | अनारक्षित | अनारक्षित |
| पुरकाजी | अनारक्षित | अनारक्षित |
बागपत में कोई भी लड़े चुनाव, बड़ौत पिछड़ा वर्ग व खेकड़ा पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित
बागपत में नगर पालिका व पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के बाद संशोधित आरक्षण जारी कर दिया गया है। जहां बागपत नगर पालिका में अब कोई भी चुनाव लड़ सकेगा, वहीं बड़ौत को पिछड़ा वर्ग और खेकड़ा को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
अमीनगर सराय, छपरौली, रटौल नगर पंचायत को सामान्य श्रेणी में रखा गया है तो टीकरी नगर पंचायत को पिछड़ा वर्ग, दोघट पिछड़ा वर्ग महिला व अग्रवाल मंडी टटीरी को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया। इस तरह पहले आरक्षण जारी होने पर चुनाव की तैयारी में जुट गए कई नेताओं को झटका लगा है, जबकि पहले मायूस हुए कई नेताओं को बड़ी राहत मिली है।
नगर पालिकाओं व पंचायतों के अध्यक्ष के लिए दिसंबर 2022 में आरक्षण जारी किया गया था। जिसका मामला कोर्ट में जाने पर पिछड़ा वर्ग आयोग बनाकर रिपोर्ट तैयार कराई गई और अब शासन ने दोबारा से अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी किया है। जिसमें बागपत, बड़ौत व खेकड़ा तीनों नगर पालिकाओं का आरक्षण बदला है, जबकि तीन नगर पंचायतों दोघट, टीकरी व अग्रवाल मंडी टटीरी का आरक्षण बदला है।
आरक्षण ने पुराने दावेदारों की राह की आसान
जिस तरह से अब आरक्षण जारी किया गया है, उसमें तीनों नगर पालिका के पुराने दावेदारों की राह आसान हो गई है। नगर पंचायतों का आरक्षण भी पुराने नेताओं के अनुकूल माना जा रहा है। वहीं पिछले साल आरक्षण जारी होने पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई दावेदारों को झटका लगा है और बड़ौत नगर पालिका के नेताओं में सबसे ज्यादा मायूसी है।
| नगर पालिका | पहले | अब |
| बागपत | सामान्य | महिला अनारक्षित |
| बड़ौत | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| खेकड़ा | सामान्य महिला | पिछड़ा वर्ग महिला |
| नगर पंचायत | पहले | अब |
| अमीनगर सराय | अनारक्षित | अनारक्षित |
| छपरौली | अनारक्षित | अनारक्षित |
| दोघट | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| टीकरी | सामान्य | महिला पिछड़ा वर्ग |
| अग्रवाल मंडी टटीरी | पिछड़ा वर्ग | अनुसूचित जाति महिला |
| रटौल | अनारक्षित | अनारक्षित |
सहारनपुर में पिछडा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ महापौर पद
शासन ने महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण जारी कर दिया है। सहारनपुर में नगर निगम के महापौर के पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। पहले यह महिला के लिए आरक्षित हुआ था। चार नगर पालिकाओं में देवबंद को छोड़कर अन्य तीन में अध्यक्ष पद का आरक्षण बदला है। सात नगर पंचायतों में से बेहट और छुटमलपुर के अलावा अन्य पांच में अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण में परिवर्तन हुआ है।
नगर निकायों में चुनावी रणभेरी बज गई है। शासन ने बृहस्पतिवार को महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण जारी कर दिया है। इन पदों पर आरक्षण को लेकर छह अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गई हैं। शासन ने नगरीय निकायों को लेकर इससे पहले गत वर्ष पांच दिसंबर को अधिसूचना जारी करते हुए महापौर और अध्यक्ष पदों को लेकर आरक्षण जारी किया था, लेकिन मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग समर्पित आयोग का गठन किया था। इस आयोग की रिपोर्ट आने के बाद फिर से नगरीय निकायों के चुनावों की कवायद शुरू हो गई है।
शासन ने नगर निगम के महापौर और नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों के लिए अनंतिम आरक्षण जारी कर दिया है। इस पर छह अप्रैल तक आपत्तियां मांगी गई हैं। - अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी
नगरीय निकायों में महापौर एवं अध्यक्ष पदों के आरक्षण की स्थिति
| निकाय | पहले | अब |
| नगर निगम सहारनपुर | महिला | महिला |
| नगर पालिका सरसावा | अन्य पिछड़ा वर्ग | अन्य पिछड़ा वर्ग |
| नगर पालिका नकुड़ | अन्य पिछड़ा वर्ग | अन्य पिछड़ा वर्ग |
| नगर पालिका गंगोह | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| नगर पालिका देवबंद | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नगर पंचायत बेहट | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नगर पंचायत चिलकाना | महिला | पिछड़ा वर्ग |
| नगर पंचायत तीतरों | पिछड़ा वर्ग (महिला) | अनारक्षित |
| नगर पंचायत रामपुर मनिहारान | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नगर पंचायत छुटमलपुर | अनारक्षित | अनारक्षित |
| नगर पंचायत नानौता | अनारक्षित | महिला |
| नगर पंचायत अंबेहटा पीर | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
शामली और कांधला पालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित, कैराना पिछड़ा वर्ग के लिए
नगर निकाय की घोषित अनंनतिम आरक्षण सूची में शामली जिले की कैराना नगर पालिका परिषद में बदलाव किया गया है। यह अनारक्षित से बदलकर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई है। जबकि शामली और कांधला नगर पालिका को अभी भी अनारक्षित रखा गया है। इसके अलावा सात में पांच नगर पंचायतों का आरक्षण भी बदल गया है।
आरक्षण बदलने से दावेदारों में मची खलबली
आरक्षण की अनंनतिम सूची में कैराना नगर पालिका चेयरमैन सीट फिर से पिछड़ा वर्ग में आ गई है। 2017 के पालिका चुनाव में भी यह सीट पिछड़ा वर्ग में आरक्षित थी। पूर्व नगर पालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन मुस्लिम गुर्जर बिरादरी से होने के कारण पिछड़ा वर्ग में आते हैं। पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे राशिद भी पिछड़ा वर्ग में है। जबकि तीसरे नंबर पर रहे अंसारी बिरादरी के शमशाद अंसारी भी पिछड़ा वर्ग से हैं। अंतरिम सूची में कैराना नगर पालिका पिछड़ा वर्ग में आरक्षित होने के चलते सामान्य बिरादरी के प्रत्याशियों को निराशा हाथ लगी। इसके अलावा एलम, थानाभवन, गढ़ीपुख्ता सीट अनारक्षित होने पर काफी संख्या में दावेदार बढ़ गए थे। लेकिन आरक्षण बदलने से इन्हें मायूसी मिली।
आरक्षण की अनंनतिम सूची में हुआ बदलाव
| निकाय का नाम | पहले | अब |
| शामली नगर पालिका | अनारक्षित | अनारक्षित |
| कैराना नगर पालिका | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| कांधला नगर पालिका | अनारक्षित | अनारक्षित |
| एलम नगर पंचायत | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| बनत नगर पंचायत | अति पिछड़ा वर्ग | अनुसूचित जाति की महिला |
| ऊन नगर पंचायत | महिला | अनारक्षित |
| थानाभवन | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग महिला |
| जलालाबाद | अनारक्षित | अनारक्षित |
| गढ़ीपुख्ता | अनारक्षित | पिछड़ा वर्ग |
| झिंझाना | अनारक्षित | अनारक्षित |