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मुआवजा नहीं तो जिवाना में नहीं बनने देंगे टोल
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मुआवजा नहीं तो जिवाना में नहीं बनने देेंगे टोल
रमाला। जिवाना गांव में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बन रहे टोल प्लाजा की जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने हंगामा किया। उन्होंने तीन दिन में मुआवजा न मिलने पर टोल का कार्य बंद कराकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
एनएचएआई की ओर से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। हाईवे पर जिवाना गांव के पास टोल प्लाजा का निर्माण कार्य चल रहा है। टोल प्लाजा के निर्माण के लिए जिवाना के 25 से अधिक किसानों की भूमि अधिग्रहण की। किसान दरियाव सिंह, जगत सिंह, सुनील, बिजेंद्र, सहेंद्र, कपिल, हरनारायण, सुरेंद्र, कंवर पाल ने कहा दो वर्ष पहले उनकी जमीन टोल प्लाजा के लिए अधिग्रहण की। टोल लगभग बनकर तैयार है, अभी तक उन्हें मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं दिया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर लगा लगाकर का थक चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों ने कहा यदि संबंधित विभाग ने तीन दिन में प्रभावित किसानों को अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं दिया तो वह टोल का कार्य बंद कराकर वही धरने पर बैठ जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अधिकारियों की होंगी। दूसरी तरफ एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि वह एनएचएआई के अधिकारियों से जानकारी कराएंगे।
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रमाला। जिवाना गांव में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बन रहे टोल प्लाजा की जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने हंगामा किया। उन्होंने तीन दिन में मुआवजा न मिलने पर टोल का कार्य बंद कराकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
एनएचएआई की ओर से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। हाईवे पर जिवाना गांव के पास टोल प्लाजा का निर्माण कार्य चल रहा है। टोल प्लाजा के निर्माण के लिए जिवाना के 25 से अधिक किसानों की भूमि अधिग्रहण की। किसान दरियाव सिंह, जगत सिंह, सुनील, बिजेंद्र, सहेंद्र, कपिल, हरनारायण, सुरेंद्र, कंवर पाल ने कहा दो वर्ष पहले उनकी जमीन टोल प्लाजा के लिए अधिग्रहण की। टोल लगभग बनकर तैयार है, अभी तक उन्हें मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं दिया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर लगा लगाकर का थक चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों ने कहा यदि संबंधित विभाग ने तीन दिन में प्रभावित किसानों को अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं दिया तो वह टोल का कार्य बंद कराकर वही धरने पर बैठ जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन के अधिकारियों की होंगी। दूसरी तरफ एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि वह एनएचएआई के अधिकारियों से जानकारी कराएंगे।
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