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Baghpat News: यमुना में आये पानी ने किसानों के चेहरे पर खींची चिंता की लकीरें
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- पानी बढ़ने से मजदूरी के लिए यमुना पार जाने वाले मजदूरों की परेशानी भी बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना में छोड़े गये पानी ने किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद कर दी। जिसने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। इसके अलावा मजदूरी के लिए यमुना पार कर हरियाणा जाने वाले मजदूरों की भी परेशानी बढ़ गई हैं।
तीन दिन पहले हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया 74 हजार क्यूसेक पानी जैसे ही यमुना नदी में बागपत की सीमा में पहुंचा तो जलस्तर बढ़ गया। जिससे यमुना में उगाई गई खरबूजे, तरबूज, लौकी, खीरे समेत अन्य फसल जलमग्न हो गई। जिससे कुछ फसल पानी में बह गई, जबकि कुछ पानी भर जाने के कारण बर्बाद हो गई। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो गया। जिले में किसानों की 500 बीघा से अधिक फसल बर्बाद होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई। जिस पर किसान इशाकी, रामकुमार, जयकिशन, राजबीर, धर्मेंद्र, राजेश ने बताया कि खरबूजे और तरबूज का सीजन चल रहा है। लेकिन अब फसल बर्बाद होने के कारण फसल की लागत भी पूरी नहीं आई। जिस कारण अब उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी इसी तरह फसल बर्बाद हो गई थी।
मजदूर बोले, बढ़ गई परेशानी
बागपत समेत कई गांवों से सैंकड़ों मजदूर रोजाना यमुना पार कर हरियाणा मजदूरी करने के लिए जाते है। मजदूर राजेश, सोनी, अख्तर समेत अन्य ने बताया कि पहले यमुना में पानी कम होने के कारण पैदल ही यमुना पार चले जाते थे, लेकिन अब पानी आने के कारण नाव में बैठकर जाना पड़ता है। जिसके लिए काफी इंतजार भी करना पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना में छोड़े गये पानी ने किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद कर दी। जिसने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। इसके अलावा मजदूरी के लिए यमुना पार कर हरियाणा जाने वाले मजदूरों की भी परेशानी बढ़ गई हैं।
तीन दिन पहले हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया 74 हजार क्यूसेक पानी जैसे ही यमुना नदी में बागपत की सीमा में पहुंचा तो जलस्तर बढ़ गया। जिससे यमुना में उगाई गई खरबूजे, तरबूज, लौकी, खीरे समेत अन्य फसल जलमग्न हो गई। जिससे कुछ फसल पानी में बह गई, जबकि कुछ पानी भर जाने के कारण बर्बाद हो गई। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो गया। जिले में किसानों की 500 बीघा से अधिक फसल बर्बाद होने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई। जिस पर किसान इशाकी, रामकुमार, जयकिशन, राजबीर, धर्मेंद्र, राजेश ने बताया कि खरबूजे और तरबूज का सीजन चल रहा है। लेकिन अब फसल बर्बाद होने के कारण फसल की लागत भी पूरी नहीं आई। जिस कारण अब उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी इसी तरह फसल बर्बाद हो गई थी।
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मजदूर बोले, बढ़ गई परेशानी
बागपत समेत कई गांवों से सैंकड़ों मजदूर रोजाना यमुना पार कर हरियाणा मजदूरी करने के लिए जाते है। मजदूर राजेश, सोनी, अख्तर समेत अन्य ने बताया कि पहले यमुना में पानी कम होने के कारण पैदल ही यमुना पार चले जाते थे, लेकिन अब पानी आने के कारण नाव में बैठकर जाना पड़ता है। जिसके लिए काफी इंतजार भी करना पड़ रहा है।

खुटार के जंगल में काटी गई लकड़ी। संवाद
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