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संयम की नाव से ही भवसागर पार कर सकता मनुष्य : अंकित शास्त्री
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-बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम संयम धर्म की हुई पूजा-अर्चना
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम संयम धर्म की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर शांति विधान का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पंडित अंकित शास्त्री ने भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन कराया।
पंडित अंकित शास्त्री ने संयम धर्म के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि संयम रूपी नाव में सवार होकर ही मनुष्य संसार रूपी भवसागर को पार कर सकता है। इंद्रियों का निग्रह करना ही संयम है। काम, क्रोध, माया व लोभ से आत्मा को बचाकर जागरूक रहना संयम का स्वरूप है। उन्होंने यह भी बताया कि संयम की टिकट लेकर ही शिवधाम की यात्रा की जा सकती है। विधान में सोमेंद्र जैन, सपना जैन, संजय जैन, राजेश जैन, रुक्मिणी जैन, काजल जैन, अंजू जैन व प्रदीप जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बरनावा के चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम संयम धर्म की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर शांति विधान का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पंडित अंकित शास्त्री ने भगवान श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजन कराया।
पंडित अंकित शास्त्री ने संयम धर्म के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि संयम रूपी नाव में सवार होकर ही मनुष्य संसार रूपी भवसागर को पार कर सकता है। इंद्रियों का निग्रह करना ही संयम है। काम, क्रोध, माया व लोभ से आत्मा को बचाकर जागरूक रहना संयम का स्वरूप है। उन्होंने यह भी बताया कि संयम की टिकट लेकर ही शिवधाम की यात्रा की जा सकती है। विधान में सोमेंद्र जैन, सपना जैन, संजय जैन, राजेश जैन, रुक्मिणी जैन, काजल जैन, अंजू जैन व प्रदीप जैन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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