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Baghpat News: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार, कैसे हो मरीजों का उपचार

Sat, 13 Dec 2025 01:41 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:41 AM IST
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The primary health center itself is sick, how will patients be treated?
अ​भियान की खबर से संबं​धित फोटो। रटौल ​स्थित जर्जर हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष म
अभियान
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- रटौल के स्वास्थ्य केंद्र का भवन खंडहर तो परिसर में लग रहा गंदगी का अंबार
- इमरजेंसी की नहीं कोई सुविधा, एक चिकित्सक के सहारे चल रहा अस्पताल, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
रटौल। कस्बे की पीएचसी खुद बीमार हो रही है। परिसर में मरीजों को गंदगी से गुजरकर दवाई लेने के लिए आना पड़ता है। यहां भवन भी खंडहर होने के कारण मरीजों को हर समय खतरा बना रहता है। एक चिकित्सक के सहारे ही अस्पताल को चलाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को कैसे उपचार मिल सकता है।
रटौल कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कई माह से नहीं हो रही है। परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी हुई हैं। बरसात के मौसम में जलभराव हो जाता है और वहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। अस्पताल में सफाई करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं रखा हुआ है और खिड़की के शीशे तक टूटे पड़े हैं। जगह-जगह गंदगी ढेर लगा होने के कारण वहां दुर्गंध आती है और ऐसे में मरीजों को निकलना मुश्किल हो रहा है। गंदगी में मच्छर पनपने के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जब स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार हो रहा है तो वह मरीजों का भी सही से उपचार कैसे होगा।
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वहां सिर्फ एक चिकित्सक मीना की तैनाती है और यदि वह छुट्टी पर चली जाती है तो फार्मासिस्ट मरीजों को उपचार करता है या फिर किसी दूसरे चिकित्सक की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल में स्टाफ नर्स ही डिलीवरी कराती हैं और रात में इमरजेंसी की कोई सुविधा नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को बागपत व खेकड़ा की तरफ दौड़ लगानी पड़ती है।
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-- शौचालय टैंक भी खुला पड़ा

अस्पताल के परिसर में शौचालय का टैंक खुला पड़ा है। चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी टैंक को भी बंद तक नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में कई बार मरीज गिरकर घायल हो चुके हैं। टैंक में पशु भी फंस चुके हैं। फिर भी टैंक को बंद नहीं कराया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी भी इसमें लापरवाह नजर आते हैं।

-- 30 मीटर का रास्ता भी नहीं हुआ पक्का

स्वास्थ्य केंद्र में जाने के लिए 30 मीटर का रास्ता है। यह रास्ता कई माह से टूटा हुआ है। विभाग द्वारा भी इस रास्ते को भी पक्का नहीं कराया जा रहा है। बारिश में मरीज फिसलकर घायल हो जाते हैं। फार्मासिस्ट प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि नगर पंचायत से कई बार रास्ता बनवाने व सफाई कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इस तरफ ध्यान तक नहीं दिया जा रहा है। कई बार लिखित में शिकायत भी की है।

-- 15 गांव से मरीज आते हैं दवाई लेने

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 गांव के मरीज दवाई लेने के लिए आते हैं। इसमें कस्बा रटौल के अलावा लहचौड़ा, ललियाना, खैला, मंसूरपुर, गौना, सहवानपुर, सिंगोली तगा, सरफाबाद, फुलैरा, पूरनपुर नवाद, गढ़ी कलंजरी, भागौट, डगरपुर, अहमदनगर, नंगला, तिगरी, गोठरा आदि गांव शामिल है।

-- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गंदगी का ढेर लगा होने के कारण काफी परेशानी होती है। भवन भी जर्जर होने के कारण गिरने का खतरा बना हुआ है। - निसार अहमद

- भवन जर्जर है और रास्ता भी टूटा पड़ा है। यहां पांच बजे के बाद कोई सुविधा नहीं मिलती है और उपचार कराने के लिए खेकड़ा जाना पड़ता है। - अंकित
--
वर्जन
- रटौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत कराने के लिए नगर पंचायत को प्रस्ताव दिया हुआ है। जल्द ही मरम्मत कराकर समस्या का समाधान किया जाएगा। - डॉ. ताहिर, सीएचसी अधीक्षक, खेकड़ा

अभियान की खबर से संबंधित फोटो। रटौल स्थित जर्जर हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष म

अभियान की खबर से संबंधित फोटो। रटौल स्थित जर्जर हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष म

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