फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The government showed strictness as CMO, ACMO and Deputy CMO were not seeing patients

Baghpat News: सीएमओ, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ नहीं देख रहे मरीज तो शासन ने दिखाई सख्ती

Tue, 04 Mar 2025 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Tue, 04 Mar 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
The government showed strictness as CMO, ACMO and Deputy CMO were not seeing patients
स्वास्थ्य की खबर से संबं​धित फोटो। मुख्य चिकित्सा​धिकारी  कार्यालय बागपत
बागपत। जिले के स्वास्थ्य अफसर ओपीडी में जाकर मरीजों को परामर्श नहीं दे रहे हैं। दो साल पहले शासन ने स्वास्थ्य अफसरों को मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का लाभ मिल सकें। यहां वह मरीजों को देखना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। महानिदेशक ने एक बार फिर से आदेश जारी किए है।
विज्ञापन

जहां इलाज के लिए मरीज जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का कई दिन चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, अधिकारी शासन के फरमान को ही धता बता रहे हैं। महानिदेशक के आदेश के बाद भी सीएमओ, एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ ओपीडी सेवा नहीं दे रहे हैं। इसके चलते मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य महानिदेशक रतन पाल सिंह ने सीएमओ को जारी आदेश में कहा की सभी स्वास्थ्य अधिकारी प्रशासनिक दायित्वों के साथ चिकित्सीय सेवाएं भी देंगे। सीएमओ, एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे ओपीडी सेवाएं देंगे। उन्होंने सप्ताह में चिकित्सीय सेवा देने के लिए दिन निर्धारित करने की जिम्मेदारी सीएमओ को सौंपी है, ताकि मरीजों का समय से उपचार किया जा सकें। वहीं अधिकारी अपने अनुभव को चिकित्सकों को बताएंगे, ताकि वह उनके अनुभव का लाभ उठा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed