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मंदिरों के कपाट बंद, घर पर ही गूंजेंगे मां के जयकारे
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बागपत/खेकड़ा। बुधवार से मां दुर्गा के नवरात्र शुरू हो रहे है। बाजार सजे हुए है। मगर, कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद है। ऐसे में श्रद्धालुओं ने नवरात्र में घरों में पूजा पाठ की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिरों के पुजारियों ने भी सभी श्रद्धालुओं से घर पर ही रहकर पूजा-पाठ करने की अपील की है।
मां दुर्गा के नवरात्रे बुधवार से शुरू हो रहे है। यह एक अप्रैल को मां दुर्गा की शोभायात्रा निकालने के साथ पूर्ण होंगे। शहर एवं क्षेत्र में नवरात्र की तैयारी में श्रद्धालुजन जुटे है। सोमवार को बाजारों में लाल चुनरी, नारियल एवं व्रत सामग्री की दुकानों पर खरीददारी करने के लिए भीड़ लगी रही। मगर, मगर, देश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप में है। ऐसे में शहर स्थित बाबा काले सिंह मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, बालाजी मंदिर, सीताराम मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेनपुर, सदा शिव शक्ति मंदिर आदि के कपाट बंद है। मंदिर समितियों एवं प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से अपने घरो में ही माता की पूजा अर्चना करने की अपील की गई है। बालाजी जी आश्रम डुंडाहैड़ा के पुजारी महामंडलेश्वर भैया दास महराज और प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेन के पुजारी पंड़ित ब्रिजेश शास्त्री का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। श्रद्धालु अपने घर पर ही देवी मां की पूजा करें।
श्रद्धालु सुमन धामा, अनीता, पुष्पा, संगीता, कविता, पूजा, डॉ. सोनल धामा, ममता त्यागी आदि का कहना है कि इस बार मंदिरों में जाने की बजाय घरों में नवरात्र पूजन की तैयारी है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं से अपने घरों में ही माता की पूजा करने की अपील की गई है। अनिल गोनियाल, पुजारी, बाबा काले सिंह मंदिर।
मंदिर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं को हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था कराई जाएगी तथा शासन के निर्देशों के अनुसार ही भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। - पंडित जयभगवान शर्मा, मुख्य पुजारी, श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर।
प्रवेश से पहले मंदिरों में धुलवाए जाएंगे हाथ
बागपत। नगर के जानकीदास मंदिर के पुजारी राजकुमार शास्त्री का कहना है कि मंदिर में पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के हाथ साबुन से धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। पूजा करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी बनाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए भी व्यवस्था करा दी गई है। मंदिरों में भक्तों की बीच दूरी स्थापित करने के लिए नगर के मंदिरों में एक-एक कर श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के पुजारी और अन्य सहयोगी मंदिर के बाहर खड़े लोगों को एक मीटर की दूरी पर खड़े होने के लिए जागरूक करेंगे।
बागपत के प्रसिद्ध मंदिर- परशुरामेश्वर मंदिर पुरा महादेव, सीता सती स्थली मंदिर बालैनी, गुफा मंदिर बागपत, भगवान परशुराम मंदिर बालैनी, चकबंदी देवता दत्तनगर, बड़ा गांव जैन मंदिर , जानकीदास मंदिर ,ठाकुरद्वारा मंदिर, बागेश्वर मंदिर, शालिग्राम मंदिर, पक्का घाट मंदिर ।अग्रवाल मंडी टटीरी के प्रसिद्ध मंदिर - श्री राधाकृष्ण ठाकुर द्वारा मंदिर व शिव मंदिर।
बिनौली के प्रसिद्ध मंदिर- श्री ठाकुर द्वारा मंदिर, शिव मंदिर, नीलकंठ आश्रम।
अमीनगर सराय के प्रसिद्ध मंदिर- मंशा देवी मंदिर, शिव शक्ति मंदिर, शीतला माता मंदिर, श्री बालाजी मंदिर।
बड़ौत के प्रसिद्ध मंदिर- मां दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन ,पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर
छपरौली के प्रमुख मंदिर- सदाशिव मंदिर, बाबा मोहनराम सिद्धपीठ, मां चामुंडा देवी मंदिर सिनौली, प्राचीन शिव मंदिर।
चांदीनगर के प्रसिद्ध मंदिर- शिव मंदिर रटौल,दादी महाराज मंदिर फुलेरा।
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मां दुर्गा के नवरात्रे बुधवार से शुरू हो रहे है। यह एक अप्रैल को मां दुर्गा की शोभायात्रा निकालने के साथ पूर्ण होंगे। शहर एवं क्षेत्र में नवरात्र की तैयारी में श्रद्धालुजन जुटे है। सोमवार को बाजारों में लाल चुनरी, नारियल एवं व्रत सामग्री की दुकानों पर खरीददारी करने के लिए भीड़ लगी रही। मगर, मगर, देश कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप में है। ऐसे में शहर स्थित बाबा काले सिंह मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, बालाजी मंदिर, सीताराम मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेनपुर, सदा शिव शक्ति मंदिर आदि के कपाट बंद है। मंदिर समितियों एवं प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से अपने घरो में ही माता की पूजा अर्चना करने की अपील की गई है। बालाजी जी आश्रम डुंडाहैड़ा के पुजारी महामंडलेश्वर भैया दास महराज और प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेन के पुजारी पंड़ित ब्रिजेश शास्त्री का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। श्रद्धालु अपने घर पर ही देवी मां की पूजा करें।
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श्रद्धालु सुमन धामा, अनीता, पुष्पा, संगीता, कविता, पूजा, डॉ. सोनल धामा, ममता त्यागी आदि का कहना है कि इस बार मंदिरों में जाने की बजाय घरों में नवरात्र पूजन की तैयारी है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं से अपने घरों में ही माता की पूजा करने की अपील की गई है। अनिल गोनियाल, पुजारी, बाबा काले सिंह मंदिर।
मंदिर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं को हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था कराई जाएगी तथा शासन के निर्देशों के अनुसार ही भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। - पंडित जयभगवान शर्मा, मुख्य पुजारी, श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर।
प्रवेश से पहले मंदिरों में धुलवाए जाएंगे हाथ
बागपत। नगर के जानकीदास मंदिर के पुजारी राजकुमार शास्त्री का कहना है कि मंदिर में पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के हाथ साबुन से धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। पूजा करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी बनाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। इसके लिए भी व्यवस्था करा दी गई है। मंदिरों में भक्तों की बीच दूरी स्थापित करने के लिए नगर के मंदिरों में एक-एक कर श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के पुजारी और अन्य सहयोगी मंदिर के बाहर खड़े लोगों को एक मीटर की दूरी पर खड़े होने के लिए जागरूक करेंगे।
बागपत के प्रसिद्ध मंदिर- परशुरामेश्वर मंदिर पुरा महादेव, सीता सती स्थली मंदिर बालैनी, गुफा मंदिर बागपत, भगवान परशुराम मंदिर बालैनी, चकबंदी देवता दत्तनगर, बड़ा गांव जैन मंदिर , जानकीदास मंदिर ,ठाकुरद्वारा मंदिर, बागेश्वर मंदिर, शालिग्राम मंदिर, पक्का घाट मंदिर ।अग्रवाल मंडी टटीरी के प्रसिद्ध मंदिर - श्री राधाकृष्ण ठाकुर द्वारा मंदिर व शिव मंदिर।
बिनौली के प्रसिद्ध मंदिर- श्री ठाकुर द्वारा मंदिर, शिव मंदिर, नीलकंठ आश्रम।
अमीनगर सराय के प्रसिद्ध मंदिर- मंशा देवी मंदिर, शिव शक्ति मंदिर, शीतला माता मंदिर, श्री बालाजी मंदिर।
बड़ौत के प्रसिद्ध मंदिर- मां दुर्गा मंदिर रेलवे स्टेशन ,पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर
छपरौली के प्रमुख मंदिर- सदाशिव मंदिर, बाबा मोहनराम सिद्धपीठ, मां चामुंडा देवी मंदिर सिनौली, प्राचीन शिव मंदिर।
चांदीनगर के प्रसिद्ध मंदिर- शिव मंदिर रटौल,दादी महाराज मंदिर फुलेरा।