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यूपी: कहीं स्वेटर नहीं, तो कहीं चप्पलों में स्कूल आने को मजबूर नौनिहाल, ये है सरकारी स्कूल का हाल

Sat, 30 Nov 2019 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 30 Nov 2019 12:57 AM IST
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Primary school children in baghpat are coming barefoot in school and without sweater
प्राथमिक विद्यालय में चप्पल व रंगबिरंगे जूते पहनकर पहुंचे छात्र - फोटो : अमर उजाला
सर्दी के मौसम में परिषदीय स्कूलों के बच्चे ठंड से बीमार हो रहे हैं। किसी के पास स्वेटर नहीं है तो किसी के पास जूते नहीं है। कुछ बच्चे चप्पलों में तो कुछ नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर हैं। माता-पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे उन्हें जूते दिला सकें।
Primary school children in baghpat are coming barefoot in school and without sweater
प्राथमिक विद्यालय में चप्पल व रंगबिरंगे जूते पहनकर पहुंचे छात्र - फोटो : अमर उजाला

जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब 69,000 बच्चों को जूते बांटे जाने थे। लेकिन लक्ष्य से काफी कम जूते बच्चों को दिए गए हैं। कहीं क्वालिटी खराब है, तो कहीं जूते के साइज में दिक्कत है।

Primary school children in baghpat are coming barefoot in school and without sweater
school children - फोटो : अमर उजाला

जिला मुख्यालय के बीआरसी संविलयन स्कूल में 650 बच्चे पढ़ते हैं। यहां बच्चों को बिना जूते नंगे पैर या चप्पलों में देखा जा सकता है।

प्रधानाध्यापक योगेश शर्मा ने बताया कि स्कूल के करीब सौ बच्चों को खराब जूते मिले हैं। कुछ जूते वापस भेजे गए हैं और कुछ फट गए हैं। किसी बच्चे के साइज में बड़े या छोटे जूते आ गए हैं।

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Primary school children in baghpat are coming barefoot in school and without sweater
school children - फोटो : अमर उजाला

वहीं प्राथमिक विद्यालय नंबर एक गौरीपुर में भी ऐसे बच्चों की काफी संख्या है, जो ठंड में बिना जूते आने के लिए मजबूर हैं। यही हाल उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरीपुर का है।

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Primary school children in baghpat are coming barefoot in school and without sweater
school children - फोटो : अमर उजाला

खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र पाल सांगवान का कहना है कि जूते सभी जगह वितरित किए जा चुके हैं। क्वालिटी का मामला जिला स्तर से देखा जाएगा। प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को जर्सी, स्वेटर और जूते पहनकर आने को कहें।

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