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गोवंश संरक्षण की योजनाएं हुई धराशायी: राकेश टिकैत
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गोवंश संरक्षण की योजनाएं हुई धराशायी: राकेश टिकैत
बिनौली (बागपत)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर नही हैं। प्रस्तावित बीज बिल किसानों के लिए के लिए अनुचित है।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार को जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के हित सुरक्षित रखने के लिए खेती किसानी को डब्ल्यूटीओ से अलग रखा जाना चाहिए। केंद्र सरकार बीज बिल पारित करने जा रही है। यह किसानों के लिए अनुचित है। इसके पारित होते ही किसानों को बीज कंपनियों से ही खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर नहीं आई है। गन्ना भुगतान पर भी सरकार के वादे और दावे पूरे नहीं हुए है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को दिल्ली में भाकियू पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें अगली रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही जून में कजाकिस्तान में होने वाली डब्ल्यूटीओ की बैठक को लेकर किसान आंदोलन से जुड़े संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य मंत्रियों के समूह से मिलकर मांगपत्र सौंपेगा।
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बिनौली (बागपत)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर नही हैं। प्रस्तावित बीज बिल किसानों के लिए के लिए अनुचित है।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत शुक्रवार को जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के हित सुरक्षित रखने के लिए खेती किसानी को डब्ल्यूटीओ से अलग रखा जाना चाहिए। केंद्र सरकार बीज बिल पारित करने जा रही है। यह किसानों के लिए अनुचित है। इसके पारित होते ही किसानों को बीज कंपनियों से ही खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर नहीं आई है। गन्ना भुगतान पर भी सरकार के वादे और दावे पूरे नहीं हुए है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च को दिल्ली में भाकियू पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें अगली रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही जून में कजाकिस्तान में होने वाली डब्ल्यूटीओ की बैठक को लेकर किसान आंदोलन से जुड़े संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य मंत्रियों के समूह से मिलकर मांगपत्र सौंपेगा।
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