कभी रोहतक तो कभी सोनीपत में दबिश
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गांगनौली गांव में पंकज के घर पर 10 अक्तूबर को शाम करीब सवा तीन बजे उसकी माता सविता देवी, बहन प्रीति, नाना मांगेराम के अलावा सुरक्षा में लगे एचसीपी राकेश शर्मा और कांस्टेबल विजय कुमार की हत्या कर दी गई थी। पंकज ने गांव के प्रवीण व उसके साथियों पर रंजिश के चलते हत्या करने का आरोप लगा दोघट थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन घटनास्थल कुछ ओर बयां कर रहा था। लखनऊ से एडीजी (क्राइम) अभय कुमार प्रसाद और मेरठ आईजी अजय आनंद ने मौका मुआयना कर कहा था कि घटना में ऐसे लोग शामिल रहे है, जो पंकज के परिवार से परिचित है। पुलिस की जांच में हरियाणा के दो संदिग्ध युवक सामने आए थे।
पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस अफसरों ने उनका नाम और पता की जानकारी कर ली है। दिन-रात पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगी है। कई बार उनकी पुलिस को सटीक जानकारी भी मिली। पहले सोनीपत में उनकी लोकेशन मिली, बाद में रोहतक में। दोनों जिलों में पुलिस ने संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने कहा केस के खुलासे के लिए पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिली है।