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परवान नहीं चल रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

Sun, 16 Jan 2022 11:06 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:06 PM IST
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Prime Minister's crop insurance scheme is not working
बागपत। प्राकृतिक आपदा में किसानों को उनकी फसलों का दाम देने के लिए 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पाई है। योजना के अंतर्गत किसानों की फसल खराब होने पर उन्हें फसल का सही मुआवजा देने का प्रावधान है। किसान के दावा करने के लिए बाद कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारी फसल का सर्वे कर बीमा राशि निर्धारित करते है। जिले की मुख्य फसल गन्ना है और गन्ने की फसल को इस योजना से बाहर रखा गया है। इससे किसानों का योजना से मोह भंग हो रहा है। यही वजह है कि बागपत में साल दर साल फसल का बीमा कराने वाले किसानों की संख्या कम हो रही है।
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एक प्र्रतिशत किसान भी योजना का लाभ नहीं ले रहे
जिले के एक लाख 24 हजार 753 किसानों में से एक प्रतिशत किसान भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं ले रहे है। वित्त वर्ष 2021-22 में खरीब और रबी में केवल 474 किसानों ने ही अपनी फसल का बीमा कराना है। इनमें से 194 ने खरीब ओर 280 से रबी की फसल जैसे गेहूं, सरसों की फसल का बीमा कराया है।
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प्रीमियम और मिलने वाली राशि
गेहूं की फसल के लिए किसान को प्रति हेक्टेयर 1301 रुपये प्रति हेक्टेयर जमा करना होता है। फसल पूरी तरह से खराब होने पर बीमा कंपनी की ओर से सर्वे कराया जाता है। सर्वे के बाद 86,775 रुपये दिए जाते है। खरीब में धान की फसल के लिए प्रति हेक्टेअर 1576 रुपये और सरसों के लिए 904 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किए गए है।
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क्या कहते है किसान
हलालपुर के किसान संजीव खोखर का कहना है कि जागरूकता की कमी और फसल बीमा के मानक सही न होने के कारण किसानों का योजना से मोह भंग हो रहा है।
कंडेरा के ओमप्रकाश का कहना है कि बागपत की मुख्य फसल गन्ना है और इसे बीमा योजना से बाहर रखा गया है। इसके अलावा आज तक किसी किसान को योजना का लाभ भी नहीं मिला है। इससे किसान फसल का बीमा कराने से कतरा रहे है।
व्यक्तिगत दावे पर नहीं मिला एक भी किसान को लाभ
बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक नितिन कुमार का कहना है कि किसान के व्यक्तिगत दावा करने पर फसल का सर्वे कराया जाता है। सर्वे में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही किसान को बीमा का लाभ मिलता है। इससे कम नुकसान पर क्राप कटिंग के आधार पर लाभ दिया जाता है। जिले में व्यक्तिगत दावा का एक भी किसान को लाभ नहीं मिला है जबकि 30 किसानों को क्राप कटिंग के आधार पर लाभ मिला है।

बागपत में बीमा योजना की स्थिति
वर्ष खरीफ रबी कुल बीमा
2021-22 194 280 474
2020-21 738 493 1231
2019-20 1330 1272 2542
फसल का बीमा कराने के लिए समय-समय पर अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जाता है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी किसान गोष्ठी व अन्य कार्यक्रमों में किसानों को योजना के बारें में जानकारी देते है। - प्रशांत कुमार, उप कृषि निदेशक
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