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तहसील में जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं लोग
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तीन हजार से अधिक आवेदन बताए जा रहे हैं पैंडिंग
प्रधान-बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 463 सीटें आरक्षित
बड़ौत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सात और आठ अप्रैल को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। सभी आरक्षित सीटों पर आवेदन के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य उम्मीदवारों ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील में आवेदन किए हुए हैं। जानकारी के मुताबिक तहसील में तीन हजार से भी अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनपर तहसील प्रशासन अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। चुनाव नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में तीन दिन शेष हैं। माना जा रहा है कि अगर समय रहते उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिले तो नामांकन पत्र दाखिल करने से वंचित रहना पड़ सकता है।
जनपद में 244 ग्राम प्रधान, 525 बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य की 20 सीटों के लिए चुनाव होने है। जनपद में ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए अनुसूचित जाति, अन्य पिछडा वर्ग(महिला व पुरूष) कुल 463 सीट आरक्षित है। इसमेें जिला पंचायत के 11 वार्ड आरक्षित है। ग्राम प्रधान के लिए 145 और बीडीसी सदस्य के लिए 307 सीट आरक्षित है। महिला को छोड़कर आरक्षित वर्ग की सीटों से चुनाव लड़ने वाले लोगों को जाति प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है। बताया जा रहा है कि जनपद की सभी तहसीलों लोगों ने जाति प्रमाण पत्र के लिए तीन हजार से अधिक आवेदन किए हुए है। जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से दावेदार परेशान है।
आवेदन के बाद दस दिन में जारी होना चाहिए प्रमाण पत्र
- अधिकतर प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। शासनादेश के मुताबिक जाति प्रमाण पत्र आवेदन तिथि से दस दिन के भीतर जारी हो जाना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन की फीस भी 30 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि इस समय प्रमाण पत्रों के लिए मची मारामारी के चलते जनता से अवैध वसूली भी हो रही है। कई लोगों का आरोप है कि तहसील में एक प्रमाण पत्र के 500 से एक हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र, शहर और नगर निवासी के लिए वार्ड सभासद और गांव निवासी के लिए ग्राम प्रधान द्वारा जारी जाति संबंधी संस्तुति पत्र, एक फोटो, आधार कार्ड और राशन कार्ड, बिजली के बिल आदि की छाया प्रति।
ये बोले तहसीलदार----
- इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों की संख्या बढ़ी है। प्रयास है कि समय से सभी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
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प्रधान-बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 463 सीटें आरक्षित
बड़ौत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सात और आठ अप्रैल को नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। सभी आरक्षित सीटों पर आवेदन के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य उम्मीदवारों ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील में आवेदन किए हुए हैं। जानकारी के मुताबिक तहसील में तीन हजार से भी अधिक आवेदन ऐसे हैं जिनपर तहसील प्रशासन अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। चुनाव नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में तीन दिन शेष हैं। माना जा रहा है कि अगर समय रहते उम्मीदवारों को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिले तो नामांकन पत्र दाखिल करने से वंचित रहना पड़ सकता है।
जनपद में 244 ग्राम प्रधान, 525 बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य की 20 सीटों के लिए चुनाव होने है। जनपद में ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए अनुसूचित जाति, अन्य पिछडा वर्ग(महिला व पुरूष) कुल 463 सीट आरक्षित है। इसमेें जिला पंचायत के 11 वार्ड आरक्षित है। ग्राम प्रधान के लिए 145 और बीडीसी सदस्य के लिए 307 सीट आरक्षित है। महिला को छोड़कर आरक्षित वर्ग की सीटों से चुनाव लड़ने वाले लोगों को जाति प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है। बताया जा रहा है कि जनपद की सभी तहसीलों लोगों ने जाति प्रमाण पत्र के लिए तीन हजार से अधिक आवेदन किए हुए है। जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से दावेदार परेशान है।
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आवेदन के बाद दस दिन में जारी होना चाहिए प्रमाण पत्र
- अधिकतर प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन होता है। शासनादेश के मुताबिक जाति प्रमाण पत्र आवेदन तिथि से दस दिन के भीतर जारी हो जाना चाहिए। ऑनलाइन आवेदन की फीस भी 30 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि इस समय प्रमाण पत्रों के लिए मची मारामारी के चलते जनता से अवैध वसूली भी हो रही है। कई लोगों का आरोप है कि तहसील में एक प्रमाण पत्र के 500 से एक हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
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जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र, शहर और नगर निवासी के लिए वार्ड सभासद और गांव निवासी के लिए ग्राम प्रधान द्वारा जारी जाति संबंधी संस्तुति पत्र, एक फोटो, आधार कार्ड और राशन कार्ड, बिजली के बिल आदि की छाया प्रति।
ये बोले तहसीलदार----
- इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों की संख्या बढ़ी है। प्रयास है कि समय से सभी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।