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बागपत: बीसी सखियों का डेढ़ साल से कोड बंद, 210 से अधिक का रोजगार ठप; 35.75 लाख का निवेश फंसा

Mon, 14 Sep 2026 11:49 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़ौत
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बड़ौत Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 14 Sep 2026 11:49 AM IST
सार

बागपत में 210 से अधिक बीसी सखियों का बैंकिंग कोड करीब डेढ़ साल से बंद है। रोजगार की उम्मीद में खरीदी डिवाइस और लैपटॉप पर 35.75 लाख रुपये का निवेश फंसा है।

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Baghpat BC Sakhis Struggle as Banking Codes Remain Inactive for 18 Months, Rs 35.75 Lakh Investment Stuck
बायोमेट्रिक डिवाइस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में बुढ़पुर की बीसी सखी सीमा ने सास की दवा के लिए बचाए करीब सात हजार रुपये एल-वन ब्लूटूथ बायोमीट्रिक डिवाइस खरीदने में लगा दिए। गांव में बैंकिंग सेवा से आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन करीब डेढ़ साल से कोड बंद होने के कारण डिवाइस बेकार पड़ी है। सीमा की यह परेशानी अकेली नहीं है, बागपत में ऐसी 210 से अधिक बीसी सखियां इसी समस्या से जूझ रही हैं।

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करीब डेढ़ साल पहले एसबीआई बैंक से टाईअप होकर यूपी कॉन कंपनी ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवा शुरू कराने बागपत आई थी। कंपनी के अधिकारियों ने बीसी सखियों से डिवाइस खरीदने को कहा। जिसके बाद सरूरपुर, गौरीपुर, सिसाना, हिसावदा, बडौली, बावली, जिवाना, हसनपुर, बुढ़पुर समेत सैकड़ों गांवों में बीसी सखियों ने रोजगार की उम्मीद में सात से आठ हजार रुपये खर्च कर डिवाइस खरीदीं।

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बताया गया कि 50 से अधिक सखियों ने बैंकिंग कार्य के लिए 40 हजार रुपये तक के लैपटॉप भी खरीदे। करीब दो महीने तक डिवाइस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवा जारी रही, लेकिन उसके बाद कंपनी बागपत से चली गई और कोड बंद हो गए। कोड बंद होने से जमा-निकासी समेत अन्य बैंकिंग कार्य रुक गए और ग्रामीणों को फिर शाखाओं का रुख करना पड़ रहा है।

डिवाइस और लैपटॉप पर 35.75 लाख रुपये का निवेश फंसा
बड़ौत। जनपद में 210 से अधिक बीसी सखियों ने औसतन 7,500 रुपये की डिवाइस खरीदीं। इससे डिवाइस पर करीब 15.75 लाख रुपये खर्च किए। वहीं 50 से अधिक सखियों ने 40 हजार रुपये तक के लैपटॉप खरीदे। अधिकतम कीमत के आधार पर इन पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए। दोनों को मिलाकर निवेश में 35.75 लाख रुपये की धनराशि फंस गई है। 

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Baghpat BC Sakhis Struggle as Banking Codes Remain Inactive for 18 Months, Rs 35.75 Lakh Investment Stuck
प्रीति बीसी सखी, बड़ौत - फोटो : अमर उजाला

ये बोलीं बीसी सखियां 
बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों के बीच से पैसे निकालकर डिवाइस खरीदी थी। दो महीने कोड चालू रहा। दो महीने में कमीशन के रूप में दस हजार की आमदनी हुई, लेकिन अब डेढ़ साल से कोड बंद होने से आर्थिक परेशानी बढ़ गई है। प्रीति, बीसी सखी, हसनपुर।

घर के खर्चों में कटौती करके डिवाइस के पैसे जुटाए थे। अब कोड बंद होने से आय भी रुक गई और लगाया पैसा भी फंस गया। अब जिसने उधार लिया था, उनका उधार चुकाने में मुश्किल हो रही है।  साक्षी, बीसी सखी, जागोस

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साक्षी बीसी सखी, बड़ौत - फोटो : अमर उजाला

निवेश की भरपाई और कोड चालू कराने की मांग
बीसी सखियों ने बैंक, संबंधित कंपनी और विभागीय अधिकारियों से समस्या बताकर कोड चालू कराने और डिवाइस-लैपटॉप पर लगाए पैसे की भरपाई की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से काम बंद रहने से कमीशन की आय का भी नुकसान हुआ है।

 मामला जानकारी में है। बीसी सखियों के बंद कोड चालू कराने के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। समस्या के समाधान के लिए संबंधित कंपनी और बैंक से भी संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही बीसी सखियों के कोड चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।  -अरुण कुमार पांडे, उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बागपत

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