{"_id":"655c9e3ed1b677023e07bf21","slug":"only-gyan-kalyan-celebrated-with-great-pomponly-gyan-kalyan-celebrated-with-great-pomp-baghpat-news-c-31-1-smrt1003-4118-2023-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: केवल ज्ञान कल्याणक धूमधाम से मनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: केवल ज्ञान कल्याणक धूमधाम से मनाया
विज्ञापन
-आदि प्रभु ने लिया गन्ने के रस का आहार, सांसद ने भी लिया आचार्य से आशीर्वाद
फोटो संख्या 4
बड़ौत। आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ससंघ के सानिध्य, बड़ौत दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के पांचवें आदिनाथ भगवान का केवल ज्ञान कल्याणक धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सांसद डा़ सत्यपाल सिंह भी आचार्य का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
केवल ज्ञान कल्याणक में राग के बाद विराग, उसके बाद दिव्य ज्ञान रूपी केवल ज्ञान को प्राप्त करने की प्रसन्नता समाज सहित अन्य लोगों को भी हुई। उन्होंने तीर्थंकर प्रभु के इस स्वरूप का दर्शन किया। प्रभु के केवल ज्ञान प्रकट होने के बाद उनके सधो सुख का मार्ग बताने के साथ भक्ति भाव सहित उस पर चलने का संकल्प लिया। केवलज्ञान कल्याणक में सुबह आदिनाथ भगवान का अभिषेक, नित्य नियम पूजा सौधर्म इंद्र राजकुमार जैन के नेतृत्व में इंद्रगणों ने की। इसके बाद पंडित श्रेयांस जैन और पंडित हसमुख जैन के निर्देशन में तप कल्याणक पूजा श्रद्धालुओं द्वारा की गई। इसके बाद महामुनि आदिनाथ की प्रथम आहार चर्या संपन्न हुई। भगवान आदिनाथ आहार के लिए निकले। विधि मिलने पर राजा श्रेयांस ने गन्ने के रस का प्रभु को आहार दिया। प्रभु के आहार से सभी जगह हर्ष व्याप्त हो गया। भगवान की प्रथम आहार विधि के बाद नगरवासियों को ज्ञान से अवगत कराया। कुबेर ने समवशरण की रचना की, जहां भगवान की दिव्य वाणी खिरी। महोत्सव में सौधर्म इन्द्र राजकुमार जैन, कुबेर इंद्र अंकुर जैन, यज्ञनायक अशोक जैन, इशान इंद्र मनोज जैन, सानत इंद्र विपुल जैन, महेंद्र इंद्र सौरभ जैन उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगीतकार रामकुमार दोराहा के भजनों को विशेष रूप से सराहा गया। कार्यक्रम में बड़ौत दिगंबर जैन समाज समिति के अध्यक्ष प्रवीण जैन, मुख्य संयोजक अतुल जैन, प्रमोद जैन, मनोज जैन, दिनेश जैन, सतीश जैन, पंकज जैन, विवेक जैन, अमित जैन आदि शामिल रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 22 नवंबर को मोक्ष कल्याणक महोत्सव के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का समापन होगा। सुबह 10 बजे रथयात्रा दिगंबर जैन कॉलेज सी फील्ड से प्रारंभ होकर दिगंबर जैन छोटा मन्दिर पहुुंचेगी और सुबह 11.15 बजे 108 जिन प्रतिमाएं, दिगंबर जैन छोटा मंदिर के चैत्य वृक्ष पर, आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में विराजमान की जाएंगी।
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
संयम व साधना के पथ पर चलकर ही होता है कल्याण
बड़ौत। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि संयम व साधना के पथ पर चलते हुए जब यह जीव संसार शरीर और भोगों से अपना मोह त्याग देता है। तब तप कल्याणक के बाद वह मनुष्य केवलज्ञान से युक्त होकर संसार को सधो सुख का मार्ग बताता है। यह केवल ज्ञान ऐसा श्रेष्ठ ज्ञान है, जिसको पाने के बाद उस जीव के ज्ञान में संसार के किसी भी प्राणी का भूत-भविष्य, वर्तमान आदि तो साफ-साफ दिखते हैं और वह संसार सहित तीनों लोकों की जानकारी भी अपने ज्ञान में प्राप्त करता है। यह ऐसी दशा है, जो उस जीव को अद्वितीय बनाती है और उसे भगवान के रूप में प्रतिष्ठित करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो संख्या 4
बड़ौत। आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ससंघ के सानिध्य, बड़ौत दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान में चल रहे छह दिवसीय पंचकल्याणक महोत्सव के पांचवें आदिनाथ भगवान का केवल ज्ञान कल्याणक धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सांसद डा़ सत्यपाल सिंह भी आचार्य का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
केवल ज्ञान कल्याणक में राग के बाद विराग, उसके बाद दिव्य ज्ञान रूपी केवल ज्ञान को प्राप्त करने की प्रसन्नता समाज सहित अन्य लोगों को भी हुई। उन्होंने तीर्थंकर प्रभु के इस स्वरूप का दर्शन किया। प्रभु के केवल ज्ञान प्रकट होने के बाद उनके सधो सुख का मार्ग बताने के साथ भक्ति भाव सहित उस पर चलने का संकल्प लिया। केवलज्ञान कल्याणक में सुबह आदिनाथ भगवान का अभिषेक, नित्य नियम पूजा सौधर्म इंद्र राजकुमार जैन के नेतृत्व में इंद्रगणों ने की। इसके बाद पंडित श्रेयांस जैन और पंडित हसमुख जैन के निर्देशन में तप कल्याणक पूजा श्रद्धालुओं द्वारा की गई। इसके बाद महामुनि आदिनाथ की प्रथम आहार चर्या संपन्न हुई। भगवान आदिनाथ आहार के लिए निकले। विधि मिलने पर राजा श्रेयांस ने गन्ने के रस का प्रभु को आहार दिया। प्रभु के आहार से सभी जगह हर्ष व्याप्त हो गया। भगवान की प्रथम आहार विधि के बाद नगरवासियों को ज्ञान से अवगत कराया। कुबेर ने समवशरण की रचना की, जहां भगवान की दिव्य वाणी खिरी। महोत्सव में सौधर्म इन्द्र राजकुमार जैन, कुबेर इंद्र अंकुर जैन, यज्ञनायक अशोक जैन, इशान इंद्र मनोज जैन, सानत इंद्र विपुल जैन, महेंद्र इंद्र सौरभ जैन उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगीतकार रामकुमार दोराहा के भजनों को विशेष रूप से सराहा गया। कार्यक्रम में बड़ौत दिगंबर जैन समाज समिति के अध्यक्ष प्रवीण जैन, मुख्य संयोजक अतुल जैन, प्रमोद जैन, मनोज जैन, दिनेश जैन, सतीश जैन, पंकज जैन, विवेक जैन, अमित जैन आदि शामिल रहे। मीडिया प्रभारी वरदान जैन ने बताया कि 22 नवंबर को मोक्ष कल्याणक महोत्सव के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का समापन होगा। सुबह 10 बजे रथयात्रा दिगंबर जैन कॉलेज सी फील्ड से प्रारंभ होकर दिगंबर जैन छोटा मन्दिर पहुुंचेगी और सुबह 11.15 बजे 108 जिन प्रतिमाएं, दिगंबर जैन छोटा मंदिर के चैत्य वृक्ष पर, आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में विराजमान की जाएंगी।
विज्ञापन
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
संयम व साधना के पथ पर चलकर ही होता है कल्याण
बड़ौत। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि संयम व साधना के पथ पर चलते हुए जब यह जीव संसार शरीर और भोगों से अपना मोह त्याग देता है। तब तप कल्याणक के बाद वह मनुष्य केवलज्ञान से युक्त होकर संसार को सधो सुख का मार्ग बताता है। यह केवल ज्ञान ऐसा श्रेष्ठ ज्ञान है, जिसको पाने के बाद उस जीव के ज्ञान में संसार के किसी भी प्राणी का भूत-भविष्य, वर्तमान आदि तो साफ-साफ दिखते हैं और वह संसार सहित तीनों लोकों की जानकारी भी अपने ज्ञान में प्राप्त करता है। यह ऐसी दशा है, जो उस जीव को अद्वितीय बनाती है और उसे भगवान के रूप में प्रतिष्ठित करती है।
विज्ञापन