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अब हर अनाथ का हाथ थामेगा प्रशासन
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बड़ौत। सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अभी तक कोविड-19 या अन्य कारणों अपने माता-पिता में से कोई एक को अथवा दोनों को खोने वाले 18 वर्ष तक के बच्चों को योजना में शामिल किया गया था। अब 18 से 23 वर्ष के युवाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा।
इस योजना में 18 से 23 वर्ष के उन युवाओं को भी सम्मिलित किया गया है, जिन्होंने अपने अभिभावक को खो दिया है। कक्षा 12 तक की शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत किसी डिग्री डिप्लोमा कोर्स में अध्ययनरत हैं, उन्हें सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास के द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। कोविड-19 के इतर कारणों से अभिभावक की मृत्यु पर अब एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को ढाई हजार रुपये मासिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अब मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को और व्यापक बनाते हुए इसके अंतर्गत कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से अपने अभिभावक खोने वाले बच्चों को भी आच्छादित कर लिया गया है ।
एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों की चार श्रेणियां नियत की गई है। उक्त योजना के सफल संचालन के लिए शासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद में ऐसे बच्चों का शीघ्र सर्वे करा कर लाभान्वित किया जाए।
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इस योजना में 18 से 23 वर्ष के उन युवाओं को भी सम्मिलित किया गया है, जिन्होंने अपने अभिभावक को खो दिया है। कक्षा 12 तक की शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत किसी डिग्री डिप्लोमा कोर्स में अध्ययनरत हैं, उन्हें सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास के द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। कोविड-19 के इतर कारणों से अभिभावक की मृत्यु पर अब एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को ढाई हजार रुपये मासिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अब मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को और व्यापक बनाते हुए इसके अंतर्गत कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से अपने अभिभावक खोने वाले बच्चों को भी आच्छादित कर लिया गया है ।
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एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना है कि इस योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों की चार श्रेणियां नियत की गई है। उक्त योजना के सफल संचालन के लिए शासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनपद में ऐसे बच्चों का शीघ्र सर्वे करा कर लाभान्वित किया जाए।
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